लखनऊ, [दुर्गा शर्मा]। अभिनेता और निर्देशक सतीश कौशिक अपनी फिल्म 'कागज-दो' की शूटिंग के लिए लखनऊ में हैं। एक महीने तक फिल्म की शूटिंग लखनऊ में ही होनी है। फिल्म में अभिनेता अनुपम खेर और दर्शन कुमार पिता पुत्र के रूप में दिखेंगे। फिल्म में डा. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय का मूट कोर्ट हाई कोर्ट के रूप में दिखेगा। इसके अलावा शहर के अस्पतालों, घरों और काकोरी के बागो में भी फिल्म की शूटिंग की गई है।

लखनऊ के दृश्यों के साथ ही यहां के कई कलाकार भी फिल्म में विभिन्न भूमिकाओं में नजर आएंगे। विशेष बातचीत में सतीश कौशिक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फिल्म निर्माण के लिए जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, वैसी और कहीं नहीं हैं। सरकार फिल्मकारों को मदद करने में बहुत सक्रिय है। फिल्मकारों के लिए सकारात्मक नजरिया है। लखनऊ के कलाकार भी जबरदस्त हैं। यही कारण है कि यहां शूटिंग का ग्राफ बढ़ा है।

फिल्म के बारे में सतीश कौशिक ने कहा कि कागज एक सफेद पन्ना होता है, पर वह जब डाक्यूमेंट बनता है तो वह शक्तिशाली हो जाता है। उस डाक्यूमेंट पर लिखी बात पत्थर की लकीर बन जाती है। यही पत्थर की लकीर कागज वन में थी, जिसमें एक जिंदा व्यक्ति को खुद को जिंदा साबित करने में 18 साल लगे। जो नियम कानून कागजों में दर्ज हो गए, उनकी प्रासंगिकता देखी जानी चाहिए।

कहा, गलत सिस्टम की वजह से आम आदमी को न्याय नहीं मिलता। उन्हें न्याय दिलाने के लिए कुछ लोग सजग होते हैं, वह नियमों में संशोधन के लिए प्रयास करते हैं, जिससे आम आदमी की जिंदगी सामान्य चल सके। फिल्म भी ऐसे ही प्रयास पर केंद्रित है।

सतीश कौशिक ने कहा कि लखनऊ की गर्मी और सर्दी सब देखी है। थियेटर के कारण यहां से बहुत गहरा नाता रहा है। नेशनल स्कूल आफ ड्रामा में यूपी के कई विद्यार्थी रहे हैं। लखनऊ की भाषा का स्वाद बहुत अलग है। यहां के कलाकार नैचुरल एक्टिंग करते हैं।

Edited By: Anurag Gupta