लखनऊ, जेएनएन। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के उत्तर प्रदेश में अप्रैल माह में छह गुना बढऩे के कारण 24-25 शहरों में नाइट कर्फ्यू के बाद भी मामला नियंत्रित होता न देख सीएम योगी आदित्यनाथ मैदान में उतर पड़े। प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर व लखनऊ का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद उन्होंने सीनियर पीसीएस अफसरों के साथ अपने कैबिनेट मंत्रियों को भी जिलों की मानिटरिंग पर लगाया। अब सभी अफसरों को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के निर्देश पर रविवार को सर्वदलीय बैठक के बाद सोमवार को सुबह अपनी कोर टीम(टीम-11) के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब फुल एक्शन मोड में हैं। उन्होंने बैठक में कोरोना वायरस की तेजी से बढ़ती गति पर लगाम लगाने की खातिर सभी अफसरों को अफसरों को फील्ड में जाने के साथ ही अस्पतालों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने सभी जिलों में नाइट कर्फ्यू को सख्ती से लागू करवाने का निर्देश भी दिया।

प्रदेश में लगातार बढ़ते एक्टिव केस बेहद डराने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने अब हर दिन डेढ़ लाख से ज्यादा टेस्ट करने के साथ ही एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन व बस अड्डों की विशेष निगरानी रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही प्रदेश में हाइ-वे पर टोल प्लाजा पर भी टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराएं। टेस्ट के लिए ट्रूनेट मशीनों का उपयोग किया जाए। इनमें से 70 प्रतिशत टेस्ट आरटी-पीसीआर के माध्यम से हो।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में अफसरों को काफी सख्त लहजे में चेताया है। उन्होंने कहा कि गलतफहमी में न रहें, लॉकडाउन नहीं लगेगा। हम तो जनता को मरने नहीं देंगे, बेड की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। पहले से पूरी तैयारी करें। आवश्यकतानुसार निजी हॉस्पिटलों और मेडिकल कॉलेजों का टेकओवर करें। उन्होंने जिलों में टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट पर जोर दिया। सीएम योगी कोरोना संक्रमण के प्रभावी रोकथाम के लिए रणनीति से लेकर क्रियान्वयन को तरजीह दे रहे हैं। उनका पूरा जोर कोरोना संक्रमण और बढऩे से पहले तैयारियों को लेकर है। उन्होंने साफ कहा कि कोरोना के खिलाफ संघर्ष को पूरी तैयारी के साथ मजबूती से लडऩा होगा। इस बड़े संघर्ष में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।

पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण को नियंत्रण करने में सफलता मिली है। उसी प्रकार से इस बार भी हम मजबूती से लड़ाई लड़ते हुए हम सफल होंगे। इसके लिए उन्होंने एल-2 और एल- 3 के बेड्स पर्याप्त मात्रा में बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निजी हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज का टेकओवर करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने निजी अस्पतालों और लैब में निर्धारित दरों से अधिक वसूली पर नाराजगी जाहिर की और कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फील्ड पर उतरने वाले अफसर सभी जगह पर कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करवाएं। बिना मास्क के मिलने वाले हर शख्स पर बड़ा जुर्माना करें। नवरात्र और रमजान को लेकर प्रदेश भर में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें। प्रदेशभर के सभी धर्म स्थलों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिया कि सर्वाधिक संक्रमित लखनऊ में हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और मेयो मेडिकल सेंटर में कोविड बेड बढ़ाएं। इसी तरह अन्य निजी मेडिकल कॉलेजों में भी कोविड बेड्स स्थापित करने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि लखनऊ कैंसर अस्पताल को भी डेडीकेटेड कोविड हॉस्पिटल में परिवर्तित करें। गांवों में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फॉगिंग की व्यवस्था को उपलब्ध कराएं। 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जांच और उसकी रिपोर्ट मिलने में देरी पर अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस बारे में निजी लैब्स का भी सहयोग लिया जाए और जरूरी हो तो टेकओवर कर इसके बदले में पेमेंट किया जाए, लेकिन किसी सूरत में जांच रिपोर्ट में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने लैब और टेस्टिंग की क्षमता के विस्तार पर जोर दिया है। आरटीपीसीआर की टेस्ट की क्षमता को 70 फीसदी तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि किसी की मजबूरी का फायदा नहीं उठाने दिया जाएगा। इसे सख्ती के साथ रोकें। कहीं पर भी गलत जानकारी देने पर कठोर कार्यवाही होगी। सीएम ने 108 एंबुलेंस सेवा को आधी कोविड, आधी बिना कोविड के लिए और एंबुलेंस का रेस्पांस टाईम 15 मिनट रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पूरी लड़ाई का केंद्र बिंदु इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को बनाने और उसकी एक-एक गतिविधि की निगरानी पर जोर दिया है।

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