लखनऊ [आलोक मिश्र]। Fight Against Corona Virus : कोरोना की जंग में यूूपी पुलिस का नया मानवीय चेहरा सामने आया है। संक्रमण के खिलाफ इस युद्ध में पुलिस के करीब 1.16 लाख अधिकारी और जवान कंधे से कंधे मिलाकर कदम आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ाए जाने की घोषणा के साथ जिस तरह आने वाले एक सप्ताह की कड़ी चुनौतियों का जिक्र किया, उसने यूपी पुलिस की भी जिम्मेदारी और बढ़ा दी है।

हर चुनौती की तरह इस बार भी टीमवर्क का नमूना पेश कर रही खाकी ने अबकी समाज में अपनी नई छवि कायम करने में कामयाबी हासिल की है। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने जरूरतमंदों के बीच जाकर न सिर्फ उनकी मदद की, बल्कि मातहतों के लिए भी नजीर बने। नेतृत्व से मिले सबक का नतीजा है कि इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक सड़कों व गलियों के बीच असहायों की मदद करते नजर आ रहे हैं। लॉकडाउन में गुजरात में फंसे युवक के ट्वीट पर डीआइजी चित्रकूट दीपक कुमार ने आधे घंटे के भीतर उसकी मां के लिए घर पर राशन भिजवाया। चित्रकूट में एक बुजुर्ग की दवा लेने के लिए पुलिसकर्मी प्रयागराज तक गया।

इसी तरह गाजियाबाद के विजयनगर इंस्पेक्टर नागेंद्र चौबे ने बुजुर्ग महिला की कॉल पर उनकी दवाएं घर भिजवाईं। यहां नवजात के शव को दफन कराने के लिए पुलिस ने कब्रिस्तान का दरवाजा तक खुलवाया। ऐसे कई उदाहरण लगातार सामने आ रहे हैं, जो खाकी के नए अवतार की कहानी खुद कहते हैं। डीजीपी मुख्यालय में आइजी कानून-व्यवस्था ज्योति नारायण के नेतृत्व में कोरोना सेल रात-दिन सूचनाओं को जुटाने के साथ ही आवश्यक निर्देश फील्ड में तैनात पुलिसकिर्मयों तक पहुंचाने में जुटी है।

इस दरम्यान 36वीं वाहिनी पीएसी रामनगर, वाराणसी में तैनात मुख्य आरक्षी राजेंद्र प्रसाद सिंह ने अपने वेतन से 50 हजार रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कराकर खाकी में छिपे बड़े दिल की नजीर भी पेश की। अब वह साथी पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा हैं। अफसर भी उनकी सराहना कर रहे हैं। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी बताते हैं कि प्रदेश में कोरोना की जंग में करीब 1.16 लाख पुलिस अधिकारी व कर्मी थानों से लेकर सड़कों, गांव, कस्बों, अस्पतालों व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर ड्यूटी में मुस्तैद हैं। सूबे में करीब 25 कंपनी पीएसी भी रिजर्व में लगाई गई है, जिसका उपयोग जरूरत पड़ने पर किया जा रहा है। अब मददगार खाकी के सामने कई स्थानों पर पूरी सख्ती से पेश आने की चुनौती भी होगी।

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