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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बड़ी राहत : यूपी के प्राइवेट इंजीनियरिंग कालेजों में इस वर्ष भी बीटेक सहित सभी कोर्सेज की नहीं बढ़ेगी फीस

By Ashish Kumar TrivediEdited By: Umesh Tiwari
Published: Fri, 30 Sep 2022 09:25 PM (IST)

Engineering Course Fees उत्तर प्रदेश में बीटेक समेत अन्य कोर्सों की फीस इस बार भी नहीं बढ़ेगी। पिछले वर्ष की ...और पढ़ें

Engineering Course Fees: यूपी प्राविधिक शिक्षा विभाग की ओर से आदेश जारी, दी गई राहत।
Engineering Course Fees: यूपी प्राविधिक शिक्षा विभाग की ओर से आदेश जारी, दी गई राहत।

UP News: लखनऊ, राज्य ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के प्राइवेट इंजीनियरिंग कालेज में इस शैक्षिक सत्र 2022-23 में बीटेक सहित सभी कोर्सेज की फीस नहीं बढ़ाई जाएगी। पिछले शैक्षिक सत्र 2021-22 में जो फीस विद्यार्थियों से ली गई थी, वही फीस इस शैक्षिक सत्र में भी ली जा सकेगी। एक वर्ष के लिए फीस बढ़ोतरी स्थगित की गई है। अगले वर्ष नए सिरे से विचार किया जाएगा।

फीस बढ़ोतरी न कर अभिभावकों को बड़ी राहत

कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न असाधारण परिस्थितियों के चलते अभिभावकों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। ऐसे में फीस बढ़ोतरी न कर अभिभावकों को बड़ी राहत दी गई है। प्राविधिक शिक्षा विभाग की ओर से फीस न बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया गया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिये थे निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से प्राइवेट इंजीनियरिंग कालेजों की फीस न बढ़ाने जाने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में फीस नियमन कमेटी ने वर्ष 2022-23 में शुल्क न बढ़ाने पर अपनी मुहर लगा दी।

ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी आसानी से ले सकेंगे दाखिला

प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने बताया कि सरकार के इस फैसले से कोरोना के कारण आर्थिक संकट से घिरे अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी भी आसानी से प्राइवेट इंजीनियरिंग कालेजों में दाखिला ले सकेंगे।

तीन वर्षों के लिए तय की गई थी फीस

मालूम हो कि निजी इंजीनियरिंग कालेजों की फीस वर्ष 2018-19 से वर्ष 2021-22 तक तीन वर्षों के लिए तय की गई थी। इस बार आगे तीन वर्षों के लिए फीस नए सिरे से तय की जानी थी लेकिन फिलहाल वर्ष 2022-23 में फीस बढ़ोतरी न करने का निर्णय लेकर बड़ी राहत दे दी गई।

एक वर्ष के लिए किया गया है निर्णय

प्राविधिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा ने जानकारी दी है कि सचिव, प्रवेश और फीस नियमन समिति द्वारा उपलब्ध कराये गए प्रस्ताव और यूपीपीसीए व अन्य अभियंत्रण संस्थाओं द्वारा प्रस्तुत प्रत्यावेदनों पर विचार करने के बाद तय किया गया कि वर्ष 2018-19 में सत्र 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 के लिए तय ‘मानक शुल्क और ‘मानक शुल्क से इतर शुल्क को 2021-22 की भांति ही चालू शैक्षिक सत्र 2022-23 में यथावत रखा जाएगा। यह निर्णय एक वर्ष के लिए किया गया है। प्रदेश में स्थित निजी कॉलेजों की फीस उनके आय-व्यय के हिसाब से तय होती है। लेकिन प्रदेश सरकार अधिकतम फीस तय कर देती है कि इससे ज्यादा फीस कॉलेज नहीं ले सकते।