लखनऊ, जेएनएन। विकास नगर में दसवीं की छात्र सृष्टि को उसके ही दारोगा पिता ने बैट से पीटकर मौत के घाट उतारा था। शुक्रवार को आत्महत्या और हत्या के बीच झूल रहे मामले से पुलिस ने पर्दा उठा दिया। फिलहाल दारोगा वेद प्रकाश हिरासत में हैैं लेकिन, कानून की नजर में हुए सफल राजफाश कहानी इतनी भर नहीं है। हर मां-बाप के लिए आंख खोलने वाली है, जगाने वाली है। सृष्टि को जान से सिर्फ इसलिए हाथ धोना पड़ गया क्योंकि उसे सोशल मीडिया का शौक लग गया था।। इतनी कम उम्र में वह इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर करने लगी थी। बस, बेटी को इसी 'आभासी दुनिया' में खोता देख वेदप्रकाश इस कदर आपा खो बैठे कि कानून का रखवाला होते हुए भी खुद हाथ में ले लिया कानून...। 

मामला पुलिसकर्मी से जुड़ा था, इसलिए पुलिस छानबीन भी सारे तथ्यों की की। सिलसिलेवार सुबूत जुटाए। कहानी कुछ यूं निकली...। दरअसल, 17 फरवरी की सुबह वेद प्रकाश ने सृष्टि को डांटा था। सृष्टि के विरोध पर वेद प्रकाश ने उसकी जमकर पिटाई कर दी थी, जिसमें छात्रा को काफी चोट आई थी। इसपर वेद प्रकाश सृष्टि को भाऊराव देवरस अस्पताल लेकर गए थे, जहां उसका इलाज कराया गया था। इसके बाद अस्पताल से पिता पुत्री वापस आ गए।

दोबारा हुई बहस तो बैट से किया वार

बेटी का इलाज कराने के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे वेद प्रकाश ने मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रही सृष्टि को दोबारा डांटा। हालांकि आरोपित का कहना है कि पढ़ाई को लेकर सख्ती की थी। इसपर सृष्टि ने पिता को पलट कर जवाब दे दिया था। इससे वेदप्रकाश आग बबूला हो गए और सृष्टि की पिटाई शुरू कर दी। आपा खोते हुए उन्होंने पास में रखे बैट से उसपर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए, जिसमें छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई थी। गलती का अहसास होने पर परिवारजन सृष्टि को लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

सोशल मीडिया बनी विवाद की जड़

पुलिस की मानें तो बाप के हाथों बेटी के कत्ल की वजह सोशल मीडिया का शौक बना। सृष्टि ने इंस्टाग्राम पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। कुछ दिन पहले वेद प्रकाश ने बेटी के प्रोफाइल में कुछ तस्वीर देख ली थी। इसको लेकर उन्होंने सृष्टि से पूछताछ की, जिसके बाद बिगड़ गई। सोशल मीडिया पर बेटी की सक्रियता और दोस्ती के कारण वेद प्रकाश नाराज थे। आवेश में बेटी की जान ले ली। पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय के मुताबिक, पारिवारिक विवाद में छात्रा के पिता ने उसकी हत्या की थी।

आत्महत्या साबित करने के लिए रची कहानी

विष्णुपुरी कॉलोनी निवासी आरोपित वेद प्रकाश सिंह रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के पीएसओ थे। वारदात छिपाने के लिए साक्ष्यों से छेडछाड़ की थी। हत्या को आत्महत्या साबित करने के लिए वेद प्रकाश ने सोमवार को लाइसेंसी असलहे से फायर‍िंग की, जिसके निशान दीवार पर मिले थे। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साजिश को बेनकाब कर दिया। इसके बाद पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर पड़ताल शुरू की और आरोपित को दबोच लिया।

Posted By: Anurag Gupta

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