लखनऊ (जेएनएन)। आइपीएस अधिकारी स्वर्गीय सुरेंद्र दास की अंत्येष्टि में आज लखनऊ आए उनके ससुर ने किसी भी विवाद से इन्कार कर दिया है। बेटी को लेकर भैसा कुंड घाट पर पहुंचे ससुर ने कहा कि उनकी डॉक्टर बेटी रवीना का पति से कोई भी विवाद नहीं था। अब तो सब बेकार की बाते हो रही हैं।

आइपीएस सुरेंद्र दास के ससुर ने कहा कि रवीना का पति स्वर्गीय सुरेंद्र दास से कोई विवाद नहीं था। उनकी आत्महत्या का कारण कुछ और हो सकता है। यह तो अब जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि अब आत्महत्या का कारण बताने का उचित समय भी नहीं है। हम उचित समय आने पर इसका कारण भी बताएंगे।

कानपुर में डॉक्टर रामेंद्र सिंह ने बताया कि अपने सुसाइड नोट में भी सुरेंद्र दास ने रवीना से माफी मांगते हुए उसको दोषी नहीं ठहराया है। वह अपने को ही दोषी बताए हैं।

क्या लिखा था सुसाइड नोट में

डियर रवीना, आईएम नॉट लॉयर... जो रिकॉर्डिंग किया था वह आपकी मां को ही भेजने के लिए किया था, फिर बाद में लगा कि नहीं भेजना चाहिए। कुछ हाइड (छिपाना) होता तो मोबाइल ऐसे कभी नहीं छोड़ता। मैं साइलेंट... (चुप) इसलिए था क्यों कि मुझे सुसाइडल थॉट्स (आत्महत्या के विचार) आ रहे थे। आई रियली लव यू। तुम फॉलोवर विजय व चंद्रभान से पूछ सकती हो। मैंने उनसे सल्फास चूहे मारने के नाम पर लाने के लिए बोला। कुछ दिन पहले ब्लेड लाने के लिए भी बोला था। आई एम नॉट प्लानिंग अगेंस्ट यू (तुम्हारे खिलाफ कोई योजना नहीं बनाई)। आई डिड गूगल सर्च टू, नाऊ कमिट सुसाइड। जिस...से भी पूछ सकती हो। उसे भी मेरी इस प्लानिंग (सुसाइड) को लेकर संदेह था। आई लव यू, सॉरी फॉर एवरीथिंग...सुरेंद्र।

एसपी पूर्वी सुरेंद्र दास ने 5 सितंबर को तड़के यह सुसाइड नोट लिखने के बाद सल्फास खा लिया था। जिंदगी और मौत से जूझने के बाद रविवार दोपहर उनकी मौत हो गई। सुसाइड नोट से एक बात तो साफ झलक रही है कि पत्नी की हरकतें कुछ ऐसी थीं जिसे वह उनकी मां को बताना चाहते थे। उसकी रिकॉर्डिंग भी की लेकिन भेजा नहीं और यह बात डॉ. रवीना को पता चल गई जिसके बाद रवीना ने बखेड़ा खड़ा कर दिया। उन्होंने लिखा कि मैं चुप था... इसका मतलब रवीना ने जमकर हंगामा मचाया। उनसे काफी लड़ाई-झगड़ा किया इसके बाद भी वह रिश्तों को बचाने के लिए चुप रहे। पूरे सुसाइड नोट से एक बात तो साफ है कि वह दाम्पत्य जीवन को बचाने और पत्नी को खुद पर भरोसा दिलाने के लिए हर कोशिश में जुटे थे। खुद को सही साबित करने के लिए सुरेंद्र दास के मन में आत्महत्या जैसा विचार घर करता जा रहा था। हरसंभव प्रयास के बाद भी दाम्पत्य जीवन में सुधार नहीं हुआ तो भीतर से वह टूट गए और जहर खाकर जान दे दी। जहर खाने वाली रात भी झगड़ा हुआ था। 

पारिवारिक मित्र तो नहीं बनी आत्महत्या की वजह

सुरेंद्र दास की ओर से लिखे गए सुसाइड नोट में एक पारिवारिक मित्र का नाम भी उन्होंने लिखा है। उनसे पूछने की बात कहीं थी। कानपुर पुलिस अफसरों की मानें तो वह महिला मित्र उनकी पारिवारिक मित्र है। इससे सुरेंद्र व रवीना दोनों की बात होती थी। वह दोनों के बीच होने वाले किसी भी तरह के विवाद पर समझौता भी कराती थी। आत्महत्या की वजह पारिवारिक मित्र भी मानी जा रही है। 

सुरेंद्र दास ने अपने दोनों फोन क्यों तोड़े 

सुसाइड का प्रयास करने से पहले सुरेंद्र दास ने अपने दोनों फोन को तोड़ दिया था। ऐसे में अगर कोई बात नहीं थी तो सुसाइड नोट में  बार-बार मोबाइल फोन को लेकर सफाई क्यो दे रहे थे। मोबाइल में ऐसा क्या था, जो कि उन्होंने तोड़ दिया। किस क्लीपिंग की बात सुरेंद्र कर रहे है। यह भी जांच का अहम विषय है। इसको लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। 

बार-बार  सफाई क्यों देते रहे सुरेंद्र 

सुसाइड नोट में बार-बार सुरेंद्र खुद की सफाई दे रहे हैं। अगर कुछ गड़बड़ नहीं था तो उन्होंने बार-बार सफाई क्यों दी। यह बात काफी अहम है। सुसाइड नोट में सुरेंद्र बार-बार खुद को पाक साफ बता रहे हैं। ऐसी क्या बात है, जिसकी सफाई सुरेंद्र को देनी पड़ी। यह सवाल सभी के जहन में उठ रहा है।  

Posted By: Dharmendra Pandey