लखनऊ, [जितेंद्र उपाध्याय]। किसानों को पारंपरिक खेती के साथ ही एकीकृत खेती करने की जानकारी के लिए किसान पाठशालाएं चलाई जाएंगी। 'द मिलियन फार्मर्स स्कूल' के नाम से न्यायपंचायत स्तर पर खुलने वाली 52 हजार पाठशालाओं में एक करोड़ से अधिक किसानों को उन्नतशील खेती के गुर सिखाए जाएंगे। विषय विशेषज्ञों की टीम हर न्याय पंचायत में जाकर किसानों को समृद्धि सबक देगी। तेज धूप, बारिश और जाड़े में खेतों में हाड़ तोड़ मेहनत करने वाले किसानों को उतना लाभ नहीं मिलता पाता जितना उन्हें मिलता चाहिए।

कृषि विभाग खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के साथ ही गेहूं, धान, दलहन व तिलहन जैसी परंपरागत खेती के साथ ही पशुपालन, मुर्गी पालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन करने के प्रति किसानों को जागरूक करता है। सरकार की ओर से किसानों की आय दो गुनी करने के लक्ष्य के सापेक्ष ऐसी एकीकृत पाठशाला चलाने का निर्णय लिया गया। लखनऊ के 97 न्याय पंचायतों के साथ ही प्रदेश की 52 हजार न्याय पंचायतों में पाठशाला संचालन के लिए जिला प्रशासन व कृषि विभाग को अधिकृत किया गया है। 

चार दिन होगी पढ़ाईः पहले चरण में 'द मिलियन फार्मर्स स्कूल' के नाम से शुरू होने वाली किसान पाठशाला चार दिन तक चलाई जाएगी। इसकी सफलता के बाद इसे आगे बढ़ाया जाएगा। एक दिन में दो घंटे की पाठशाला होगी जिसका समय न्याय पंचायत में रहने वाले किसान तय करेंगे। पहले दिन रबी की मुख्य फसलों प्रजातियों की जानकारी के साथ ही कृषि विभाग के मोबाइल एप और अनुदान। दूसरे दिन कृषि विभाग की योजनाओं और अनुदान व कृषि प्रबंधन और निवेश। तीसरे दिन समेकित कृषि प्रणाली और कृषकों की आय दो गुनी करने व फसल बीमा। चौथे दिन उद्यान एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं के अलावा गन्ना, मछली, रेशम व सोलर एनर्जी। 

प्रदेश सरकार ने किसानों की आय दो गुना करने के उद्देश्य से कृषि विभाग को पाठशाला चलाने के निर्देश दिए हैं। एकीकृत खेती के साथ ही आर्थिक समृद्धि की जानकारी दी जाएगी। -डा.सीपी श्रीवास्तव, उप कृषि निदेशक

Edited By: Vikas Mishra