लखनऊ, जेएनएन। रिएक्शन समझने के लिए एक कॉपी में कम से कम 50 समीकरणों का 20 बार अभ्यास करें। रिएक्शन से संबंधित समस्या आप खुद सॉल्व करने लगेंगे। शनिवार को दैनिक जागरण द्वारा आयोजित 'बोर्ड का बिगुल' में रसायन विज्ञान के विशेषज्ञ एवं मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने परीक्षार्थियों द्वारा पूछे गए केमिस्ट्री से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए। विषय विशेषज्ञ ने परीक्षार्थियों की हर प्रकार की भ्रांति को दूर किया और परीक्षा में सफल एवं टॉपर होने की टिप्स दीं। 

प्रश्न : अकार्बनिक कांप्लेक्स कंपाउंड में मेटल की संयोजकता प्रथम और द्वितीय को कैसे लिखा जाता है? (ब्रजेश कुमार, राम जानकी इंटर कॉलेज, बहराइच) 

उत्तर : पोटेशियम फेरो सायनाइड में चार पोटेशियम + आवेश के साथ छह साइनाइड आयन और छह - आवेश के साथ होते हैं। पोटेशियम के चारों + आवेश अंदर के चार -आवेश को कैंसिल करते हैं। इसलिए अंदर केवल दो-आवेश शेष बचते हैं। जिनको लोहा (एफ ई) कैंसिल करता है। इसलिए यौगिक का (आइयूपीएसी) नाम पोटेशियम हेक्सा सियानो फेरेट (द्वितीय) होगा।

प्रश्न : लीगैंड के बारे में बताएं। समझ नहीं आ रहा है, इसके लिए क्या करें? (शिवांशु शुक्ला, ग्र्रामोदय इंटर कॉलेज हरदोई) 

उत्तर : जितने भी हमारे उप सह संयोजक यौगिक हैं, उसमें बड़े ब्रैकेट के अंदर जो धातु लिखी होती है, उससे जुडऩे वाले आयन को लीगैंड कहते हैं। 

प्रश्न : रिएक्शन कैसे पता करते हैं?  (अंकित यादव, गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज, सिधौली सीतापुर) 

उत्तर : विगत पांच वर्षों के पेपर उठा लें। एक कॉपी में रिएक्शन से संबंधित 50-50 समीकरणों का एक कॉपी में 20 बार अभ्यास करें। रिएक्शन कैसे पता होता है इसके बारे में अच्छी एक्सरसाइज हो जाएगी। 

प्रश्न : ऑर्गेनिक केमिस्ट्री के रिएक्शन कैसे याद करें? (शरद त्रिपाठी, एमजीएस इंटर कॉलेज, सुलतानपुर) 

उत्तर : ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में तीन पार्ट होते हैं। नामकरण की पद्धति, प्रयोगशाला में कार्बनिक यौगिक का निर्माण, अंत:परिवर्तन भागों में बांटकर अध्ययन करें। 

प्रश्न : कांप्लेक्स कंपाउंड के थ्री कैल्शियम हेक्सा सियानो फेरेट का फामूर्ला क्या है? (शैलेंद्र कुमार, राम जानकी इंटर कॉलेज, बहराइच) 

उत्तर : बड़े ब्रैकेट के बाहर दो कैल्शियम, बड़े ब्रैकेट के अंदर एक आयरन और छह सायनाइड आयन लिखकर बड़े ब्रैकेट को बंद कर देना है। 

प्रश्न : रसायन विज्ञान में आइयूपीएसी पद्धति समझ में नहीं आ रही है। (सिमरन, राजकीय इंटर कॉलेज, बलरामपुर) 

उत्तर : यह पद्धति यौगिकों के नामकरण की एक पद्धति है। इसको करने के बजाय सूत्रों द्वारा नामकरण करें। 

प्रश्न : कनवर्जन वाले प्रश्न समझ में नहीं आ रहे हैं। कोई सरल तरीका हो तो बताएं। (हरिओम तिवारी, एपी इंटर कॉलेज, अयोध्या) 

उत्तर : समीकरण को दायें अथवा बांये संतुलित कर याद करने का प्रयास न करें। इनमें 'क्या होता है जब' और 'कैसे प्राप्त करोगे' वाले प्रश्नों को दो भागों में बांटकर विगत पांच वर्षों के पूछे गए अंत:परिवर्तन समीकरण को लिखकर प्रैक्टिस करें। 

प्रश्न : समीकरण और अणुओं की संख्या याद नहीं होती। (चांदनी शर्मा, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, मलिहाबाद) 

उत्तर : अभिकारक और उत्पाद के सूत्र सिर्फ याद करें। अणुओं की संख्या को संतुलित करने में समय नष्ट न करें। 

प्रश्न : कार्मिक यौगिक के सूत्र लिखने के उपाय क्या हैं? (राम मोहन दीक्षित, राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज लखनऊ)  

उत्तर : कार्बन से बने यौगिक को हाइड्रोकार्बन कहते हैं। इसमें सूत्र लगाएं और हाईड्रो कार्बन शृंखला बनाकर लिखें। अभ्यास से सभी सूत्र याद हो जाएंगे। 

प्रश्न : रसायन विज्ञान सबसे कम समझ आती है, कैसे याद करें? (आनंद शुक्ला, देवां इंटर कॉलेज अयोध्या)  

उत्तर : अकार्बनिक, कार्बनिक और भौतिक रसायन तीन भागों में बांटें, इसके अलावा आइयूपीएसी पद्धति का अध्ययन कर लें। इससे आपके पासिंग माक्र्स कंप्लीट हो जाएंगे। 

रसायन विज्ञान विषय में तैयारी के दौरान बरतें यह सावधानियां 

  • अब कोई भी नई पुस्तक से अध्ययन न करें। कोर्स की पुस्तक के अलावा स्वयं से तैयार किए हुए नोट्स से ही रिवीजन करें। 
  • यूपीएमएसपी की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्नपत्रों के आधार पर तैयारी करें। 
  • उत्तर पुस्तिका में उत्तर गलत हो जाने पर उसको सिंगल लाइन बनाकर काटें। अत्यधिक काटा-कूटी न करें। 
  • आंकिक प्रश्नों का उत्तर लिखने के बाद उसका मात्रक अवश्य लिखें। 
  • उत्तर लिखते समय जिन रासायनिक शब्दों का हिंदी रूपांतरण न मालूम हो, उनके अंग्रेजी रूपांतरण को ही हिंदी के शब्दों में लिख दें। 
  • रासायनिक समीकरण पर आधारित प्रश्नों के उत्तर में सिर्फ रासायनिक समीकरण लिखें। 
  • उत्तर लिखते समय जहां तक संभव हो रासायनिक शब्दों के हिंदी व ब्रैकेट में उनके अंग्रेजी शब्द लिखें। 
  • चित्रों का प्रयोग वहां करें जहां, नितांत आवश्यक हो। जैसे यौगिक बनाने की प्रयोगशाला विधि इत्यादि।
  • तैयारी में यदि पिछड़ गए हों और आंकिक प्रश्न कठिन लगते हों तो थ्योरी बेस्ड पाठ पर ज्यादा फोकस करें।

 

Posted By: Divyansh Rastogi

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