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लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव से मिले भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप, सपा में शामिल होने की संभावना

Published: Sun, 11 Oct 2026 06:44 PM (IST)

Dharmendra Kashyap: आंवला से भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने रविवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की।

आंवला से पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने रविवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की

आंवला से पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने रविवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की

HighLights

  1. बसपा से सपा होकर भाजपा में पहुंचे आंवला से 2014 और 2019 में थे सांसद

  2. पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप के 18 को समाजवादी पार्टी में शामिल होने की संभावना

डिजिटल डेस्क, लखनऊ : उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नेता सुरक्षित ठिकानों की तलाश में लग गये हैं। नेताओं के पाला बदलने का कार्यक्रम भी शुरू हो गया है। मथुरा के मांट से आठ बार के विधायक रहे श्याम सुंदर शर्मा के नई दिल्ली में कांग्रेस में वापसी के बाद अब बारी बरेली के आंवला से भाजपा के सांसद रहे धर्मेंद्र कश्यप की है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में नये घटनाक्रम के तहत आंवला से भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने रविवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस दौरान पूर्व सांसद की बेटी कीर्ति और बरेली के सपा नेता भी मौजूद रहे। इस मुलाकात की तस्वीर सामने आने पर धर्मेंद्र कश्यप के सपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। भाजपा से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र कश्यप 18 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। उनके सपा में शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

D Kashyap

धर्मेंद्र कश्यप ने अखिलेश यादव से लखनऊ में जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट भवन में मुलाकात की। इस दौरान उनकी बेटी कीर्ति कश्यप भी साथ रहीं। सपा के बरेली जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और वरिष्ठ नेता वीरपाल सिंह यादव की मौजूदगी ने इस मुलाकात को महज औपचारिक भेंट से आगे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। चर्चा है कि आंवला से वीरपाल सिंह यादव और बिथरी चैनपुर से धर्मेंद्र कश्यप की बेटी कीर्ति कश्यप की दावेदारी पर सहमति बन सकती है। बदायूं की दातागंज सीट को लेकर भी बातचीत का दावा किया जा रहा है। 

पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप का भाजपा से इस्तीफा

आंवला से पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने बीते दिनों भाजपा को अलविदा कह दिया था। भाजपा से 2014 और 2019 में सांसह रहे धर्मेंद्र कश्यप ने भाजपा की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दिया था। वर्ष 1995 में क्षेत्र पंचायत सदस्य से राजनीतिक पारी शुरू करने वाले धर्मेंद्र कश्यप ने तेजी से सियासी सीढ़ियां चढ़ीं।

पहली बार बसपा से विधायक

धर्मेंद्र कश्यप को वर्ष 2002 में पहली बार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने सन्हा (बिथरी चैनपुर) से टिकट दिया। उन्होंने अपने समाज और क्षेत्र में मजबूत पकड़ के जरिए पहली बार में ही विजयी हासिल की। वह दौर बसपा के लिए सही नहीं था। बसपा के कई विधायक पार्टी से टूट गए और साल भर में ही सरकार गिर गई। इसी क्रम में अन्य विधायकों की तरह धर्मेंद्र कश्यप भी सपा में शामिल हो गए।

सपा से भी विधायक

समाजवादी पार्टी में भी उन्होंने अपनी जड़ें गहरी कीं। इसी का नतीजा रहा कि वर्ष 2007 में भी समाजवादी पार्टी ने उन्हें टिकट दिया, जिस पर उन्होंने जीत दर्ज कराई। तत्कालीन सरकार में वह राज्य मंत्री भी रहे। इसके बाद वर्ष 2009 का लोकसभा और फिर 2012 का विधानसभा चुनाव भी लड़ा, लेकिन जीत नहीं पाए।

थामा भाजपा का दामन

वर्ष 2014 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा के टिकट से 2014 और 2019 में जीतकर सांसद बने। 2024 के चुनावों में उन्हें हार मिली। अपनी हार का जिम्मेदार उन्होंने पार्टी के कुछ लोगों को बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने उन्हें हराया, उन्हें पार्टी अग्रिम पंक्ति में बैठाकर सम्मानित कर रही है। ऐसे आरोप लगाकर उन्होंने भाजपा से टाटा, बाय-बाय कर लिया।