लखनऊ, जेएनएन। आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच में हरदोई के अर्बन कोऑपरेटिव बैंक में करोड़ों की हेराफेरी पकड़ी गई है। यहां तक बैंक के तत्कालीन सचिव अनिल कुमार सिंह ने नियमों को ताख पर रखकर अपने भाई की नियुक्ति तक करा दी थी। ईओडब्ल्यू ने अनिल कुमार सिंह और उनके पिता तत्कालीन संचालक दिनेश पाल सिंह समेत चार आरोपितों के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज की है। ईओडब्ल्यू जल्द नामजद आरोपितों पर अपना शिकंजा कसने की तैयारी में है। 

लखनऊ स्थित ईओडब्ल्यू के थाने में अर्बन कोऑपरेटिव बैंक, हरइोई के तत्कालीन संचालक दिनेश पाल सिंह, तत्कालीन सचिव अनिल कुमार सिंह, तत्कालीन वरिष्ठ सहायक शशांक सिंह व तत्कालीन प्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। दिनेश पाल सिंह आरोपित अनिल कुमार सिंह के पिता हैं। एक ही परिवार में सांठगाठ कर करोड़ों की धांधली की गई। शासन के निर्देश पर ईओडब्ल्यू ने मामले की जांच के शुरू की थी। जांच में एकत्र साक्ष्यों के आधार पर यह केस दर्ज किया गया है।

प्रकरण की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि हरदोई के अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के तत्कालीन सचिव अनिल कुमार सिंह ने अपने सगे भाई शशांक सिंह को नियम विरुद्ध प्रस्ताव पास करवाकर वरिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्त दिलाई। बैंक के संचालक दिनेश सिंह ने तत्कालीन प्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव से मिलीभगत कर यह नियुक्ति कराई थी। इसके अलावा जांच में दिनेश सिंह और अनिल कुमार सिंह के बचत खातों में नियम विरुद्ध ऋण की सुविधा दी गई।

अनिल कुमार सिंह के परिजनों द्वारा संचालित सुषमा ब्रिक फील्ड को भी समय-समय पर नियम विरुद्ध लोन की सुविधा प्रदान की जाती रही। इस दौरान दिनेश सिंह और अनिल सिंह ने अपने खातों से रकम निकाल ली और करोड़ों का गबन किया। अनिल कुमार सिंह ने बैंक की शाखा को अपने भाई शशांक सिंह के मकान में किराए पर खोला और बैंक का किराया 7200 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 14 हजार रुपये कर दिया था।

Posted By: Umesh Tiwari

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