लखनऊ, जेएनएन। कोरोना का कहर शहर में लगातार बढ़ रहा है। तेजी से लोग संक्रमित हो रहे हैं। ज्यादातर लोग न तो शारीरिक दूरी रख रहे हैं और न ही सार्वजनिक जगहों पर मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ सर्दी का मौसम भी दस्तक देने वाला है, जिसके चलते लोग मौसमी फ्लू के शिकार भी हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें नाक, कान, गला संबंधी समस्याएं खांसी, जुकाम, खराश, सर्दी, जकड़न, नाक बहना, छींक आना, बुखार व अन्य एलर्जी संबंधी समस्याएं हो रही हैं। ऐसे वक्त में खुद को मौसमी फ्लू और कोरोना से कैसे बचाएं? इससे जुड़े तमाम सवालों का जवाब बलरामपुर अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर एससी श्रीवास्तव ने द‍िए। उन्होंने लोगों को बताया कि संक्रमित होने के तीन दिनों तक यदि लगातार गर्म पानी, नमक व हल्दी से गरारा करें और भाप लें तो कोरोना वायरस के प्रभाव को निष्क्रिय किया जा सकता है। इस दौरान अन्य सवालों का भी जवाब दिया।

सवाल- 23 सितंबर को मैं कोरोना पॉजिटिव हो गया था। होमआइसोलेशन में रहने व दोबारा रीटेस्ट कराने का नियम क्या है?सुनील गोयल, विकास नगर, लखनऊ

जवाब- कोरोना पॉजिटिव होने के बाद कम से कम दो हफ्ते तक होम आइसोलेशन में रहना चाहिए। इसके बाद अगर सातवें से दसवें दिन के बीच बुखार नहीं आया या उसके बाद कोई अन्य लक्षण डेवलप नहीं हुआ तो दोबारा टेस्ट की जरूरत नहीं है। यदि लक्षण हैं तो 10 दिनों बाद दोबारा जांच कराई जा सकती है।

सवाल- मैं 70 वर्ष का हूं मेरे सीने में जकड़न बनी रहती है? विनोद शर्मा, जानकीपुरम, लखनऊ

जवाब- कोरोना के साथ ही मौसमी फ्लू भी जोर मार रहा है। सीने में जकड़न मौसमी बदलाव व एलर्जी की समस्याओं के चलते हो सकता है। यदि ऑक्सीजन लेवल कम है तो डॉक्टर को दिखाएं। अन्यथा भाप और गर्म पानी का सेवन करते रहें।

सवाल- क्या भाप और गर्म पानी के सेवन से कोरोना निष्क्रिय हो सकता है?आशीष शुक्ला, एडवोकेट, कमता, लखनऊ

जवाब- कोरोना संक्रमण होने के छह घंटे से लेकर अगले दो-तीन दिनों तक यह वायरस नाक और गले तक ही बना रहता है। इसके बाद यह फेफड़ों में पहुंचकर निमोनिया इत्यादि का कारण बनता है। फिर ऑक्सीजन लेबल को घटाने लगता है। इस दौरान यदि लगातार गर्म पानी में नमक और हल्दी डालकर गरारा करें व खौलते पानी में कपूर और लौंग का तेल डालकर दो तीन बार भाप लें तो कोरोना का वायरल लोड नगण्य हो सकता है या फिर बिल्कुल भी निष्क्रिय हो सकता है।

सवाल- मेरे घर के लोगों को कोरोना होकर ठीक हो गया। क्या उन्हें दोबारा संक्रमण हो सकता है?अरविंद, बाराबंकी

जवाब- एक बार कोरोना संक्रमण होने के बाद शरीर में एंटीबॉडी लगभग तीन महीने तक बनी रहती है। इस दौरान कोरोना संक्रमण होने का चांस कम होता है, लेकिन कुछ ऐसे भी मामले रिपोर्ट हुए हैं जिनमें ठीक होने के एक माह के अंदर ही दोबारा संक्रमण हो गया। इसलिए संक्रमित होकर ठीक होने के बाद भी पहले से अधिक सतर्क रहना चाहिए।

सवाल- मेरे गले में खराश है। खांसी भी आ रही है। क्या यह कोरोना हो सकता है? लेखराज, हजरतगंज, लखनऊ

जवाब- देखिए, गले में हर खराश, खांसी व बुखार कोरोना का लक्षण नहीं है। यह मौसमी फ्लू भी हो सकता है, लेकिन यदि आप किसी संक्रमित के संपर्क में आए हैं या सार्वजनिक स्थान पर असुरक्षित तरीके से गए हैं। तो फिर कोरोना जांच करा लेनी चाहिए।

सवाल- मेरे सीने में जकड़न है। भाप ले रही हूं। गर्म पानी भी पी रही हूं, लेकिन आराम नहीं मिल रहा? माया शर्मा, कानपुर रोड, लखनऊ

जवाब- भाप और गर्म पानी ले रही हैं तो यह अच्छी बात है। इसे नियमित लेते रहें। अपने ऑक्सीजन लेवल की जांच कराएं। अगर वह दुरुस्त है तो एक बार एक्स-रे करके देखना पड़ेगा। फेफड़े में कोई एलर्जी संक्रमण हो सकता है।

सवाल: मेरी उम्र अभी 27 वर्ष है। मैं काफी समय से फैरिंजाइटिस की समस्या से ग्रस्त हूं। प्रकाशचंद, लखीमपुर खीरी

जवाब- कई बार नाक, मुंह से धूल धुआं इत्यादि के कण प्रवेश कर जाते हैं। इसके चलते बाद में गले में दाने पड़ जाते हैं। इससे हमेशा गले में दर्द रहता है। वहीं कई बार यह समस्या पेट में गैस की वजह से भी हो सकती है। इसलिए पहले ईएनटी विशेषज्ञ को दिखाएं। अगर उससे ठीक नहीं होता तो गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट से परामर्श लें।

सवाल-आठ-दस साल पहले मेरी नाक जल्दी-जल्दी बंद हो जाती थी। अब बगैर ड्राप डाले काम ही नहीं चलता?निरंकार नाथ रस्तोगी, जानकीपुरम, लखनऊ

जवाब- इसका मतलब है कि आपको साइनस से जुड़ी समस्या है। नाक टेंढ़ी होगी। इसका ऑपरेशन या प्लास्टिक सर्जरी कराई जाए तो ठीक हो सकता है। अन्यथा ड्राप नियमित तौर पर डालते रहें।

सवाल- मेरे गले में हमेशा दर्द बना रहता है। पेट में गैस भी बनती है। दिलीप चौरसिया, सुल्तानपुर

जवाब- कई बार पेट में गैस की वजह से गले में संक्रमण होता है और गला चोक हो जाता है। इसलिए किसी गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट को दिखाएं। बाहर की वस्तुएं नहीं खाएं। तेल, मसाला व फ्रीज की रखी ठंडी वस्तुएं खाने से परहेज करें।

सवाल-हवाई जहाज में यात्रा करते वक्त मेरे कान में सांय-सांय की आवाज होती है। कान में दर्द भी अक्सर बना रहता है? अर्चना अग्रवाल, गोमती नगर, लखनऊ

जवाब- ऊंचाई पर कई बार नाक व कान के बीच की नली का फंक्शन डिस्टर्ब हो जाता है। यह एअर प्रेशर को संतुलित करने का काम करती है। इसमें दिक्कत होने पर हवा कानों ब्लॉक होने जैसे महसूस होते हैं। दर्द भी इसीलिए होता है। इसलिए हवाई जहाज में जाते समय टॉफी चूसें तो स्लाइवा बनने से यह समस्या कम होगी।

सवाल- मेरे गर्दन में आसपास काफी दाने निकल आए हैं?केएम लाल श्रीवास्तव, बाराबंकी

जवाब- आप किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाकर परामर्श लें।

सवाल- मेरे कान के दाहिनी तरफ बहुत पहले एक पत्थर गिर गया था। इस वजह से सुनाई देना बंद हो गया? रामगोपाल गोमती नगर, लखनऊ

जवाब- बुजुर्ग अवस्था में कान की नसें कमजोर हो जाती हैं। आपको चोट भी लगी है। इसलिए डिजिटल हियरिंग डिवाइस का इस्तेमाल करें।

सवाल- मैं अभी 21 साल का हूं। मेरे सीने में दर्द व गले में भारीपन रहता है?उमंग,लाल कुआं, लखनऊ

जवाब- इसके लिए आप गर्म कपड़े से सेंकाई करें। एसिडिटी और गैस की समस्या की वजह से भी ऐसा हो सकता है। इसलिए एक बार किसी गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट को दिखा लें।

सवाल- मेरे दाहिने कान में एक बार दर्द हुआ था। अब दोनों कान ब्लॉक रहता है। प्रिया, आशियाना लखनऊ

जवाब- कई बार नजला की वजह से कान का पर्दा खिंच सकता है। फंगल इंफेक्शन की वजह से भी ऐसा हो सकता है, जिससे टेंपरामेंट जॉइंट डिस्टर्ब हो जाता है। स्टीम व एंटी एलर्जी दवाओं के सेवन से आपको आराम मिलेगा। फोन का इस्तेमाल कम करें।

सवाल- मेरे गले में हमेशा कफ आता रहता है?राम सुमिरन, बाराबंकी

जवाब- यह एलर्जी अथवा साइनस से जुड़ी समस्या हो सकती है। इसके लिए नमक पानी और हल्दी का गरारा करें। भाप लेते रहें। आराम नहीं होने पर डॉक्टर को दिखा कर परामर्श लें। 

Edited By: Anurag Gupta