लखनऊ, जेएनएन। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने खनन घोटाले में अपनी जांच तेज कर दी है। गुरुवार को आइएएस अधिकारी अभय सिंह से पूछताछ के बाद ईडी अफसरों ने शुक्रवार को आइएएस अधिकारी संतोष कुमार राय से लंबी पूछताछ की। उनसे खनन नीति से जुड़े कुछ आदेशों व निर्देशों को लेकर सवाल-जवाब हुए। सूत्रों का कहना है कि वह कुछ स्पष्ट बता नहीं सके। ईडी ने उनके बयान दर्ज कर लिए हैं। अगली कड़ी में ईडी आइएएस अधिकारी विवेक से जल्द पूछताछ कर सकती है।

ईडी के लखनऊ स्थित जोनल कार्यालय में आइएसस अधिकारी संतोष कुमार राय से शुक्रवार दोपहर पूछताछ की गई। बताया गया कि संतोष कुमार राय मार्च 2013 से मई 2017 के मध्य विशेष सचिव खनन के पद पर तैनात थे। इस दौरान खनन को लेकर जारी कुछ निर्देशों को लेकर उनके बयान दर्ज किए गए हैं। दूसरी ओर गुरुवार को आइएएस अधिकारी अभय सिंह से पूछताछ के दौरान सामने आए कुछ तथ्यों का परीक्षण कराया जा रहा है।

ईडी ने आइएएस अधिकारी अभय सिंह से भी की है पूछताछ

इससे पहले ईडी ने खनन घोटाले में आरोपित 2007 बैच के आइएएस अधिकारी अभय सिंह से गुरुवार को लंबी पूछताछ की थी। इस दौरान अभय सिंह से उनके डीएम बुलंदशहर के पद पर तैनात रहने के दौरान सरकारी आवास से बरामद 47 लाख रुपये के श्रोत की जानकारी भी मांगी गई। सूत्रों का कहना है कि अभय सिंह अपनी तैयारी से ईडी के दफ्तर पहुंचे थे। ईडी के लखनऊ स्थित जोनल कार्यालय में आइएएस अधिकारी अभय सिंह दोपहर करीब डेढ़ बजे पहुंचे। उन्होंने सरकारी आवास से बरामद रकम से जुड़े कुछ दस्तावेज ईडी को अधिकारियों को सौंपे हैं। सूत्रों का कहना है कि ईडी ने बीते दिनों 2012 बैच के प्रोन्नत आइएएस देवी शरण उपाध्याय को भी पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह नहीं आये थे। ईडी उन्हें दोबारा नोटिस भी भेज सकती है। ईडी अभय सिंह द्वारा सौंपे गये दस्तावेजों का परीक्षण कर रही है।

खनन घोटाले में 10 जुलाई को हुई थी ताबड़तोड़ छापेमारी

सीबीआइ ने सपा शासनकाल में हुए खनन घोटाले में 10 जुलाई को ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। सीबीआइ ने बुलंदशहर के तत्कालीन डीएम अभय सिंह के घर से 49 लाख रुपये और आजमगढ़ के सीडीओ डीएस उपाध्याय के यहां से दस लाख रुपये बरामद किये थे। सीबीआइ ने फतेहपुर, देवरिया, कौशाम्बी व शामली में हुए खनन घोटाले में अलग-अलग चार केस दर्ज किये थे। अभय सिंह के डीएम फतेहपुर के पद पर तैनात रहने के दौरान आवंटित किये गये खनन पट्टे जांच के दायरे में हैं। ईडी ने सीबीआइ के केसों को आधार बनाकर सपा सरकार के पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, आइएएस अधिकारी अभय सिंह, संतोष कुमार राय, विवेक, देवी शरण उपाध्याय व जीवेश नंदन समेत अन्य के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत अलग-अलग चार केस दर्ज किये थे। हमीरपुर में हुए खनन घोटाले के मामले में पहले से जांच कर रही ईडी ने अब फतेहपुर, देवरिया, कौशाम्बी व शामली में हुई धांधली के मामलों में अपनी कार्रवाई तेज की है। ईडी ने इस कड़ी में कई खनन पट्टा धारकों से भी पूछताछ की है।

न्याय विभाग तक भी पहुंच सकती है जांच की आंच

खनन घोटाले में सीबीआइ और ईडी की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। दरअसल, कोर्ट के आदेशों व नियमों का उल्लंघन कर खनन पट्टों के धड़ल्ले से किये गए आवंटन खुद कई सवाल भी खड़े कर रहे हैं। जांच एजेंसियों इस बात को भी देख रही हैं कि तब न्याय विभाग से कोर्ट के आदेशों को लेकर कोई संपर्क किया गया था अथवा नहीं। न्याय विभाग की इसे लेकर भूमिका क्या रही थी।

Posted By: Umesh Tiwari

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