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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Protest Against Privatization of Banks: चार दिन बंद रहेंगे बैंक, देशव्यापी हड़ताल 15 से

By Anurag GuptaEdited By:
Published: Sat, 13 Mar 2021 08:40 AM (IST)Updated: Sat, 13 Mar 2021 06:21 PM (IST)

Protest Against Privatization of Banks एनसीबीई के प्रदेश महामंत्री केके स‍िंह ने बताया क‍ि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण ...और पढ़ें

बैंकों के निजीकरण के खिलाफ 15 व 16 मार्च को कर्मचारी हड़ताल पर, आज सेकेंड सैटरडे के कारण रहेगी छुट्टी।
बैंकों के निजीकरण के खिलाफ 15 व 16 मार्च को कर्मचारी हड़ताल पर, आज सेकेंड सैटरडे के कारण रहेगी छुट्टी।

लखनऊ, जेएनएन। Protest Against Privatization of Banks: बैंकों में शनिवार से चार दिन की छुट्टी रहेगी। शनिवार 13 मार्च को माह का दूसरा शनिवार और 14 मार्च को रविवार है। 15 और 16 मार्च को निजीकरण के खिलाफ बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के प्रयास के खिलाफ यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के बैनर तले 15 व 16 मार्च को देशव्यापी बैंक हड़ताल की जाएगी।

यह जानकारी शुक्रवार को यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस की ओर से स्टेट बैंक, मुख्य शाखा में आयोजित प्रेसवार्ता में एनसीबीई (नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक इंप्लाइज) के प्रदेश महामंत्री केके स‍िंह ने दी। केके सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार निजीकरण कर बैंकों को पूंजीपतियों के हाथ में सौंपने का प्रयास कर रही है, लेकिन बैंककर्मियों के विरोध के चलते वह सफल नहीं हो पाई है।

उन्‍होंने कहा क‍ि अटल पेंशन योजना, नोटबंदी, मनरेगा, आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, बीमा आदि योजनाएं केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों की दक्षता की वजह से ही सफल हो पाई हैं। उन्होंने बताया कि इन प्रयासों के कारण हम 15 और 16 मार्च को देशव्यापी हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हैं। आल इंडिया बैंक आफीसर्स कंफेडरेशन के महामंत्री दिलीप चौहान ने कहा कि बैंककर्मी सरकार को मनमानी नहीं करने देंगे। हम हर संघर्ष के लिए तैयार हैं।