लखनऊ, राज्य ब्यूरो। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 25 से 31 जुलाई तक बिजली महोत्सव एवं ऊर्जा दिवस मनाने का निर्णय लिया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा आजादी से अब तक ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विकास एवं भविष्य में प्राप्त होने वाली विकास की संभावनाओं का प्रदर्शन किया जाना है।

इसे लेकर मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने बुधवार को शासनादेश जारी किया। मुख्य सचिव की ओर से जिला प्रशासन और सभी डिस्काम के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा गया है कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में भी बिजली महोत्सव एवं ऊर्जा दिवस इस अवधि में मनाया जाएगा। कम से कम दो कार्यक्रम करना अनिवार्य है। कार्यक्रम स्थल का संबंध स्वतंत्रता संग्राम से हो या अद्यतन ऊर्जीकृत गांव होना चाहिए। भारत सरकार द्वारा प्रत्येक जिले के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा।

कार्यक्रम में ऊर्जा विभाग से संबंधित योजनाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। संक्षिप्त आडियो-वीडियो चलचित्र अनिवार्य हैं। बिजली महोत्सव में जिले की स्थानीय कला का प्रदर्शन करना होगा। नुक्कड़ नाटक होंगे। समारोह में जनप्रतिनिधियों के साथ ही विद्यार्थियों को आमंत्रित करने का निर्देश दिया है। इस पूरे कार्यक्रम के लिए पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। यह भी कहा है कि कार्यक्रमों में पिछले 75 वर्षों में राज्य द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के साथ ही अगले 25 वर्षों के रोडमैप पर चर्चा की जाएगी।

Edited By: Prabhapunj Mishra