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पाकिस्तान से 2.50 करोड़ आने की सूचना देकर लखनऊ के बुजुर्ग से ठगे 19 लाख रुपये, सात दिन डिजिटल अरेस्ट

Published: Sat, 12 Sep 2026 02:20 PM (IST)

Digital Arrest in Lucknow: रकम को आतंकी गतिविधियों और पुलवामा आतंकी हमले से जोड़ते हुए मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।

सात दिन डिजिटल अरेस्ट

सात दिन डिजिटल अरेस्ट

HighLights

  1. आतंकी गतिविधियों और पुलवामा आतंकी हमले से जोड़ते हुए मुकदमे में फंसाने की धमकी

  2. पुलिस और सीबीआइ अधिकारी बनकर वीडियो काल से डराया

जागरण संवाददाता, लखनऊ। लाइलाज हो रहे साइबर जालसाजों का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। लगातार शिकंजा कसे जाने के बाद भी यह लोग चौगुणी संख्या में बढ़ रहे हैं।

ताजा मामला राजाजीपुरम निवासी बुजुर्ग को फोन कर पहले उनके खाते में पाकिस्तान से 2.50 करोड़ रुपये आने की बात कही। इसके बाद रकम को आतंकी गतिविधियों और पुलवामा आतंकी हमले से जोड़ते हुए मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पुलिस और सीबीआइ अधिकारी बनकर वीडियो काल करने वाले ठगों ने गिरफ्तारी से बचाने और जांच में सहयोग के नाम पर बुजुर्ग से 19 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।

एफआईआर के मुताबिक, एक सितंबर को पीड़ित को फोन कर बताया गया कि उनके आधार का इस्तेमाल कर मुंबई से सिम खरीदा गया और उससे बैंक खाता खोलकर मनी लांड्रिंग की गई। जालसाज ने दावा किया कि उक्त खाते में पाकिस्तान से 2.50 करोड़ रुपये आए हैं और 25 लाख रुपये कमीशन लिया गया है। पुलवामा आतंकी घटना से जुड़े एक आतंकवादी के पकड़े जाने और उसके माध्यम से उनका नाम सामने आने की बात कही गई।

इसके बाद आरोपितों ने पुलिस की वर्दी में वीडियो काल कर डराया। दूसरे दिन खुद को सीबीआइ अधिकारी बताकर वीडियो काल की और जांच में सहयोग के नाम पर नौ लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा। पीड़ित ने एफडी तुड़वाकर नौ लाख रुपये भेज दिए। इसके बाद पोस्ट आफिस की पांच लाख रुपये की एमआईएस तुड़वाकर और पांच लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर किए।

इसके बाद में जालसाजों का फोन नहीं आया तो पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। साइबर क्राइम थाने में 11 सितंबर को बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66डी में मुकदमा दर्ज हुआ।