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उत्तर प्रदेश में अब एक पेड़ गुरु के नाम, प्रदेशभर में अंतिम विशेष पौधारोपण पांच को

Published: Thu, 03 Sep 2026 06:20 PM (IST)

Ek Ped Guru Ke Naam: महार्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, कपि वन, ऊर्जा वन, एक्सप्रेस-वे और नदियों ...और पढ़ें

थीम आधारित पौधारोपण कार्यक्रमों की अगली कड़ी के रूप में तैयार किया गया

थीम आधारित पौधारोपण कार्यक्रमों की अगली कड़ी के रूप में तैयार किया गया

HighLights

  1. शिक्षक दिवस के दिन गुरुजनों को समर्पित होगा महाभियान का अंतिम पौधारोपण

  2. सभी वन विभागों में होगा विशेष पौधारोपण अभियान

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अब पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के दिन गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव पौधारोपण से जुड़ेगा। शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों में ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया जाएगा।

पौधारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत यह वर्ष का अंतिम विशेष पौधारोपण कार्यक्रम है। इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण को गुरु-शिष्य परंपरा और सामाजिक सरोकार से जोड़ने की पहल की जाएगी।

वन विभाग की ओर से इस अभियान को प्रदेश में वर्षभर चलाए गए थीम आधारित पौधारोपण कार्यक्रमों की अगली कड़ी के रूप में तैयार किया गया है। इससे पहले विभिन्न अवसरों और उद्देश्यों को केंद्र में रखकर महार्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, कपि वन, ऊर्जा वन, एक्सप्रेस-वे और नदियों के किनारे अविरल धारा वन के नाम से विशेष पौधारोपण कराया गया है।

वहीं, वंदे मातरम वाटिका भी इसी श्रृंखला का हिस्सा रही है। रक्षाबंधन पर भी प्रदेश के प्रत्येक वन प्रभाग में ‘भाई-बहन पौधारोपण’ कराया गया। अब शिक्षक दिवस पर पौधारोपण को गुरुजनों के सम्मान से जोड़ते हुए ‘गुरु वाटिका’ विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।

पौधारोपण महायज्ञ के तहत पौधारोपण को केवल हरियाली बढ़ाने के अभियान तक सीमित न रखकर अलग-अलग सामाजिक और सांस्कृतिक भावनाओं से जोड़ा गया है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ से शुरू हुई यह अवधारणा अब भाई-बहन के स्नेह और गुरु-शिष्य के सम्मान तक पहुंच रही है। इससे लगाए गए पौधों के संरक्षण के प्रति लोगों की भावनात्मक भागीदारी बढ़ाने की भी कोशिश है।

<br/>पांच सितंबर को होने वाला ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ कार्यक्रम इस वर्ष के विशेष थीम आधारित पौधारोपण अभियानों का समापन करेगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और आमजन को पौधारोपण के साथ-साथ रोपे गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।