लखनऊ, राज्य ब्यूरो। विधान परिषद की रिक्त चार सीटें और योगी मंत्रिमंडल का संभावित विस्तार। इसे लेकर बीते कई दिनों से अटकलों का बाजार गर्म है। नामों की घोषणा तो अभी तक नहीं हुई, लेकिन चार सीटों को लेकर अब दौड़ बमुश्किल आठ-दस दावेदारों में रह गई है। प्रदेश नेतृत्व ने हाईकमान को प्रस्तावित नामों की सूची सौंप दी है। संभावना है कि दो या तीन दिन में इनकी घोषणा हो जाए। एमएलसी तय होते ही मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।

योगी मंत्रिमंडल में अभी मुख्यमंत्री सहित कुल 53 मंत्री हैं, जबकि बनाए 60 जा सकते हैं। ऐसे में सात नए मंत्री बनाए जाने की उम्मीद विधानसभा चुनाव को देखते हुए जताई जा रही थी। वहीं, गत दिवस भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सि‍ंह और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल दिल्ली गए और राष्ट्रीय नेतृत्व इस मंत्रिमंडल विस्तार सहित चार एमएलसी बनाए जाने पर मंथन चला। सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल सात की बजाए चार या पांच नए मंत्री बनाए जाने पर सहमति बनी है। यह भी तब किया जाएगा, जब चार एमएलसी मनोनीत कर दिए जाएंगे। इसमें बताया कि जा रहा है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद का नाम लगभग तय है। दोनों को विधान परिषद भेजकर पार्टी मंत्री भी बनाना चाहती है।

बाकी पूरा जोर आगामी चुनाव के मद्देनजर जातीय समीकरण पर रहेगा। जोरों से चर्चा है कि पश्चिम क्षेत्र से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को विधान परिषद भेजा जा सकता है। क्षत्रिय वर्ग से प्रदेश महामंत्री और वर्तमान में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जेपीएस राठौर, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के अध्यक्ष मानवेंद्र सिंहऔर प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सि‍ंह का नाम चल रहा है। इसी तरह सात वर्ष पहले बसपा छोड़ भाजपा में आए रामचंद्र प्रधान को लेकर भी संभावना जताई जा रही है। कयास यह भी हैं कि एक महिला को भी एमएलसी बनाया जा सकता है। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सि‍ंह का कहना है कि एमएलसी के नामों की घोषणा जल्द होगी। अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिया जाना बाकी है। 

Edited By: Anurag Gupta