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यूपी में जल जीवन मिशन में गड़बड़ी पर होगा एक्शन, पानी की टंकियों के निर्माण से भुगतान तक का हिसाब खंगालेगी ED

Published: Sat, 26 Sep 2026 07:39 AM (IST)

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकियों के निर्माण से लेकर कंपनियों के भुगतान तक की जांच शुरू की है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. ईडी ने जल जीवन मिशन के ठेकों और भुगतान की जांच शुरू की।

  2. 2019 से ढही, रिसाव वाली टंकियों का ब्योरा जल निगम से मांगा।

  3. निर्माण प्रक्रिया, गुणवत्ता जांच और सरकारी धन के दुरुपयोग की पड़ताल।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकियों के निर्माण से लेकर कंपनियों के भुगतान का हिसाब अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) खंगाल रहा है। ईडी की लखनऊ इकाई ने वर्ष 2019 से अब तक पानी की ढही, रिसाव वाली और असुरक्षित घोषित टंकियों का ब्योरा उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) से मांगा है।

अब तक कंपनियों को दिए गए ठेके, कार्य, अनुबंध राशि, गुणवत्ता जांच और भुगतान का पूरा विवरण तलब किया है। जिस तरह का ब्यौरा मांगा गया है कि उससे जांच का दायरा टंकियों की तकनीकी स्थिति के साथ निर्माण प्रक्रिया और सरकारी धन के दुरुपयोग तक जाता है।

ईडी ने 27 अगस्त को जल निगम (ग्रामीण) के एमडी को लिखे पत्र के माध्यम से धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 54 के तहत टंकियों के क्षतिग्रस्त होने, अधिकारियों व निर्माण एजेंसियों की भूमिका और कार्रवाई का ब्योरा मांगा है।

टंकी गिरने या क्षतिग्रस्त होने के मामलों में दर्ज एफआईआर, सरकारी धन के नुकसान और उसकी वसूली की स्थिति भी पूछी गयी है। एक अन्य पत्र में ईडी ने प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति, टेंडर, डीपीआर, स्ट्रक्चरल डिजाइन, ड्राइंग, वर्क ऑर्डर, अनुबंध राशि और कार्य पूरा होने की तिथि का विवरण मांगा है।

निर्माण से पहले कराए गए मिट्टी परीक्षण, स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट, मिक्स डिजाइन, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और गुणवत्ता ऑडिट की रिपोर्ट भी तलब की गई है। सीमेंट, एग्रीगेट और सरिया की मटेरियल टेस्टिंग रिपोर्ट के साथ ठेकेदार, सब-कांट्रेक्टर और टीपीआई एजेंसी को किए गए भुगतान के आरए बिल, अंतिम बिल और बैंक खाते का विवरण भी मांगा गया है।

जल जीवन मिशन के आईएमआईएस पोर्टल पर दर्ज निर्माण, प्रगति और पूर्णता की प्रविष्टियों के साथ तस्वीरों का ब्योरा तथा भुगतान से पहले टंकी की संरचनात्मक मजबूती की जांच करने वाले अधिकारियों के नाम-पद भी मांगे गए हैं। पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में ईडी के पत्रों का हवाला देकर जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

इन कंपनियों के दस्तावेज तलब

ईडी ने मैसर्स इन्फोटेक साल्यूशंस नोएडाष मैसर्स विल्सन ग्रीन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड अहमदाबाद, मैसर्स एक्शन फॉर रूरल डेवलपमेंट ग्रेटर नोएडा, मैसर्स ऐपइन्वेंटिव टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड नोएडा, मैसर्स न्यू जेनेसिस, दिल्ली; मैसर्स प्योर लाइफ सोसाइटी अमरावती, मैसर्स संग्यान लखनऊ, मैसर्स एम्बर प्रेस प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ, मैसर्स सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान लखनऊ, मैसर्स वेलफेयर एंड इलस्ट्रेशन आफ नीडी ग्रामिन सोसाइटी लखनऊ, मैसर्स स्वजन फाउंडेशन लखनऊ। मैसर्स फॉल्कन मुंबई और मैसर्स जानकी प्रसाद मेमोरियल रिसर्च एंड एजुकेशनल ट्रस्ट, महाराजगंज से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं।

फर्मों के नियोजन के लिए जारी प्रस्ताव आमंत्रण दस्तावेज, सभी निबंधन व शर्तें, अनुबंध राशि, सौंपे गए कार्य और एजेंसी द्वारा किए गए कार्य, भुगतान का ब्योरा भी मांगा है। इसके अलावा अनुबंध दिए जाने से पहले प्रस्तुत प्रस्ताव दस्तावेज, तकनीकी व वित्तीय बोलियां तथा संस्थाओं द्वारा पूर्ण किए गए कार्यों के भुगतान के लिए प्रस्तुत बिलों की प्रतियां भी मांगी गई हैं।

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