ईडी लखनऊ रिश्वतकांड: लखनऊ कार्यालय में फेरबदल की तैयारी, चार सदस्यीय टीम खंगाल रही ट्रैक रिकॉर्ड
ईडी के लखनऊ कार्यालय में पांच लाख के रिश्वतकांड के बाद अधिकारियों व केंद्रीय बलों के कर्मियों की तैनाती व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
ईडी लखनऊ में पांच लाख का रिश्वतकांड सामने आया।
अधिकारियों और केंद्रीय बलों की तैनाती की समीक्षा जारी।
सीबीआई और आंतरिक टीम दोनों कर रही हैं जांच।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ स्थित कार्यालय में पांच लाख के रिश्वतकांड के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती व्यवस्था में फेरबदल की तैयारी है। शुक्रवार को रिश्वतकांड के बाद सोमवार को खुले कार्यालय में तैनात अधिकारियों के साथ ही प्रतिनियुक्ति पर आए केंद्रीय बलों के कर्मियों का ट्रैक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय टीम ने पड़ताल शुरू कर दी है। जांच में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका, उनकी कार्यप्रणाली तथा कार्यालय में सुरक्षा और निगरानी से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। वहीं, मामले से संबंधित घटनाक्रम और अब तक सामने आए तथ्यों की रिपोर्ट लखनऊ जोनल कार्यालय से दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय भेजी गई है।
मंजूरी से जुड़े घटनाक्रम की भी समीक्षा
जांच के दायरे में प्रकरण से संबंधित फाइलों की प्रक्रिया, मंजूरी और उसके बाद की कार्रवाई से जुड़े बिंदु भी हैं। डिप्टी कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर स्तर के अधिकारियों की मंजूरी से जुड़े घटनाक्रम की भी समीक्षा की जा रही है।
यह देखा जा रहा है कि संबंधित मामलों में किस स्तर पर कब और क्या निर्णय लिए गए, किस अधिकारी ने किस चरण में मंजूरी दी और उसके बाद कार्रवाई किस प्रकार आगे बढ़ी। इन बिंदुओं से जुड़े तथ्यों और घटनाक्रम की रिपोर्ट लखनऊ जोनल कार्यालय से दिल्ली स्थित मुख्यालय भेजे गई है।
रिश्वतकांड के बाद कार्यालय में संवेदनशील जिम्मेदारियों के बंटवारे और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी तेज हो गई है। अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रैक रिकॉर्ड की पड़ताल के साथ उनकी तैनाती की समीक्षा की जा रही है। ऐसे में कुछ कर्मियों को मौजूदा जिम्मेदारियों से हटाने और सुरक्षा व्यवस्था के लिए दूसरे विभागों के कर्मियों की तैनाती जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।
मामले की सीबीआई की जांच जारी
दूसरी ओर, मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच जारी है। प्रकरण से जुड़े दो अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ की जानी है। जांच एजेंसी कथित लेनदेन, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि रिश्वतकांड किस तरह अंजाम दिया गया और इसमें किन-किन स्तरों पर लोगों की भूमिका रही। ईडी की आंतरिक जांच और सीबीआई की पड़ताल के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
लंबे समय से हेड कांस्टेबल है ईडी में तैनात
पांच लाख में साढ़े तीन लाख रुपये रिश्वत में गिरफ्तार सीआरपीएफ का हेड कांस्टेबल प्रतिनियुक्ति पर ईडी कार्यालय में तैनात था। बताया जा रहा है कि ईडी कार्यालय में सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती शुरू होने के समय से ही वह यहां ड्यूटी कर रहा था। ऐसे में जांच टीम उसकी तैनाती की अवधि, जिम्मेदारियों और संबंधित अधिकारियों के साथ उसके संपर्कों समेत विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। इससे पहले कोई और शिकायत तो नहीं है।
