आजम खां के जौहर ट्रस्ट को मिले डोनेशन की जांच तेज, वीसी समेत तीन को बुला सकती है ED
Azam Khan: एजेंसी इन लोगों से जुड़े वित्तीय लेन-देन और यूनिवर्सिटी को दिए गए डोनेशन के स्रोत के बारे में जानकारी जुटाएगी।

जौहर ट्रस्ट--- आजम खां
HighLights
ईडी की टीम लखनऊ में पांच अक्टूबर को सालिम से करेगी दोबारा पूछताछ
वित्तीय स्रोत और लेन-देन की कड़ियां जोड़ रहा प्रवर्तन निदेशालय
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव में मंत्री रहे आजम खां और उनके परिवार पर शिकंजा लगातार कसता चला जा रहा है। आजम खां से जुड़े जौहर ट्रस्ट को मिले डोनेशन की जांच कर रहा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अब इसके वित्तीय स्रोत और लेन-देन की कड़ियां जोड़ रहा है।
प्रवर्तन निदेशालय को केवल एसएनए फर्म से ही जौहर यूनिवर्सिटी को करीब 12 से 15 करोड़ रुपये के डोनेशन की जानकारी मिली है। इसी सिलसिले में आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के करीबी सालिम को पांच अक्टूबर को दोबारा लखनऊ स्थित जोनल कार्यालय में फिर पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
सालिम से 25 सितंबर को ईडी के लखनऊ स्थित जोनल कार्यालय में पेश हुआ था। एजेंसी ने उससे जौहर ट्रस्ट को दिए गए डोनेशन, रकम के स्रोत और इससे जुड़े दस्तावेजों के बारे में जानकारी ली थी। अब बैंक खातों में सामने आए लेन-देन और उनसे जुड़े वित्तीय संबंधों को लेकर उससे दोबारा पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि डोनेशन के लिए इस्तेमाल की गई रकम का स्रोत क्या था और वह किस माध्यम से ट्रस्ट तक पहुंची।
जांच में सालिम और अनवर के आजम खां से करीबी संबंध होने की जानकारी सामने आई है। ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि जौहर यूनिवर्सिटी के लिए रकम जुटाने और उसे डोनेशन के रूप में ट्रस्ट तक पहुंचाने में दोनों की क्या भूमिका थी। अनवर के रामपुर और वाराणसी से जुड़े कामकाज देखने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।
ईडी एसएनए (एआर एजुकेशन ट्रस्ट) से जुड़े लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार, फर्म को किए गए काम के भुगतान और उसके बाद जौहर यूनिवर्सिटी को दिए गए डोनेशन के बीच वित्तीय संबंधों की जांच की जा रही है। एजेंसी संबंधित दस्तावेजों के साथ बैंक खातों में हुए लेन-देन का मिलान कर रही है, ताकि रकम के प्रवाह की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके।
सूत्रों के मुताबिक, सालिम से पूछताछ के बाद ईडी जौहर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, नोएडा के कारोबारी प्रदीप गुर्जर और अनवर को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। प्रदीप गुर्जर का नाम डोनेशन से जुड़े लेन-देन की जांच में सामने आने की बात कही जा रही है। एजेंसी इन लोगों से जुड़े वित्तीय लेन-देन और यूनिवर्सिटी को दिए गए डोनेशन के स्रोत के बारे में जानकारी जुटाएगी।
ईडी को मिले इनपुट में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के बहीखातों में उल्लिखित कई दानदाताओं और संस्थाओं का ब्योरा भी शामिल है। इनमें 11 फर्मों और व्यक्तियों के नाम का उल्लेख है। सूत्रों के अनुसार, इनमें से अधिकांश फर्म का कोई रिकाड पाई गई हैं। माना जा रहा है कि ईडी इन फर्मों के संचालकों को भी अपनी जांच के दायरे में ला सकती है।
इन फर्मों/दानदाताओं से लिया गया डोनेशन
पिरामिड कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स, लखनऊ
सालार ओवरसीज लिमिटेड, मुरादाबाद
एआर एजुकेशन ट्रस्ट, दिल्ली
अर्थ कम्युनिकेशंस इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा
रामिगेट इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली
रॉयल एम्पोरिया फ्रा टेक प्राइवेट लिमिटेड
फैजा परवीन, मुरादाबाद
मोहम्मद हसीब, बहराइच
रोबोट विनिमय प्राइवेट लिमिटेड (रद)
वंडर सप्लायर्स प्राइवेट लिमिटेड
ड्रीम ऑफ पर्ल रियल्टी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड।
