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चित्रकूट कोषागार घोटाले में ED की जांच शुरू, तीन लोगों से हुई पूछताछ; फर्जी भुगतान के आदेशों की भी होगी पड़ताल

Published: Thu, 08 Oct 2026 10:00 PM (IST)

ईडी ने चित्रकूट कोषागार में फर्जी भुगतान आदेशों के जरिए पेंशनरों के खातों में करोड़ों रुपये भेजने के मामले में जांच शुरू कर दी है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. ईडी ने चित्रकूट कोषागार घोटाले में जांच शुरू की।

  2. फर्जी भुगतान आदेशों से 43.13 करोड़ रुपये का घोटाला।

  3. पुलिस ने 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया, 3.98 करोड़ बरामद।

आदित्य तिवारी, लखनऊ। चित्रकूट कोषागार में फर्जी भुगतान आदेशों के जरिये पेंशनरों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये भेजे जाने के मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच शुरू कर दी है। लखनऊ स्थित जोनल कार्यालय में बुधवार को तीन लोगों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए। गुरुवार को भी प्रकरण से जुड़े अन्य पांच लोगों को बुलाकर पूछताछ की गई।

ईडी की जांच का मुख्य फोकस कोषागार से निकली धनराशि के बैंक खातों तक पहुंचने और वहां से आगे हुए लेनदेन पर है।
वर्ष 2018 से 2025 के बीच फर्जी भुगतान आदेशों के माध्यम से 93 पेंशनरों के खातों में करीब 43.13 करोड़ रुपये भेजे जाने का मामला सामने आया है। इनमें चार खाते ऐसे मिले, जो मृत पेंशनरों के नाम पर दोबारा खोले गए थे।

वहीं, राजेंद्र कुमार के नाम से संचालित एक खाते की जांच में कोई वास्तविक व्यक्ति नहीं मिला। विभागीय ऑडिट में इससे पहले 95 खातों में पेंशन के अतिरिक्त धनराशि पहुंचने का पता चला था। इसके बाद वरिष्ठ कोषाधिकारी ने संबंधित बैंक अधिकारियों को इन खातों को सीज करने के निर्देश दिए थे।

जांच में यह भी सामने आया कि बिचौलियों ने परिचितों और रिश्तेदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल रकम मंगाने के लिए किया। कई खातों में पांच लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक की धनराशि पहुंची। बिचौलियों के जरिए इसके बाद रकम निकाल ली गई।

चित्रकूट के ही जगतराम तिवारी के खाते में 45 लाख रुपये पहुंचने के बाद मामले की अहम कड़ी सामने आई। उन्होंने पुलिस को बताया था कि ओमप्रकाश पटेल ने उनके खाते की जानकारी ली थी।

इसी तरह खंडेला निवासी कमला देवी के खाते में 31 लाख रुपये आए। दोनों मामलों में खाताधारकों ने अतिरिक्त धनराशि के बारे में जानकारी होने से इंकार किया है।

वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह की तहरीर पर कोषागार के पटल सहायक लेखाकार संदीप श्रीवास्तव, अशोक कुमार, सहायक कोषाधिकारी विकास सचान, सेवानिवृत्त सहायक कोषाधिकारी अवधेश प्रताप सिंह समेत 93 खाताधारकों के विरुद्ध कर्वी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज है। आरोपित संदीप श्रीवास्तव की उपचार के दौरान मृत्यु हो चुकी है।

पुलिस इस मामले में अब तक 35 आरोपितों को जेल भेज चुकी है। इनमें 24 पेंशनर और आठ दलाल-बिचौलिये भी शामिल हैं। करीब 3.98 करोड़ रुपये की रिकवरी भी की जा चुकी है।

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