लखनऊ, जेएनएन। अगर ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर करनी है तो बढ़ती आबादी के साथ राजधानी में मेट्रो का जाल लगातार बढ़ाना होगा। नार्थ साउथ कॉरिडोर के बाद ईस्ट वेस्ट कारिडोर की फिजिबिलिटी रिपोर्ट लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन द्वारा जुलाई 2019 में तैयार की गई थी। यह मेट्रो जाल राजधानी की 45 लाख आबादी के लिए राहत वाला होगा। भारत के अन्य मेट्रो सिटी की तरह लखनऊ भी मेट्रो सिटी के रूप में उभरकर सामने आएगा। वर्तमान में सिर्फ 23 किमी. रूट पर 65 हजार यात्रियों के लिए मेट्रो लाइफ लाइन बन चुकी है। जरूरत है ईस्ट वेस्ट कारिडोर के डीपीआर को कैबिनेट अप्रूवल देकर केंद्र को भेजा जाए और वर्ष 2020 के मध्य तक चारबाग से बसंतकुंज के बीच मेट्रो स्टेशनों का निर्माण किया जाए। 

मेट्रो की दूसरी वर्ष गांठ (पांच सितंबर) के मौके पर प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने एक बार जरूर डीपीआर को अप्रूवल दिलाकर केंद्र को भेजने की बात कही थी, हालांकि अब इसे गति नहीं मिल सकी है, लेकिन सुस्त गति से चल रहे प्रोजेक्ट को लेकर मेट्रो अफसरों में उम्मीद जरूर जगी है। मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर के बारह स्टेशनों की लोकेशन फाइनल कर ली थी, डीपीआर के मुताबिक स्टेशन यात्रियों की सुविधा के अनुसार बनाए जाएंगे। 

 इस तरह होंगे ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर के स्टेशन 

1. चारबाग स्टेशन (भूमिगत) पेट्रोल पंप के आसपास 

2. गौतम बुद्ध मार्ग स्टेशन (भूमिगत) बासमंडी चौराहे से 50 मीटर आगे 

3. अमीनाबाद (भूमिगत) झंडे वाले पार्क के आसपास 

4. पांडेयगंज स्टेशन (भूमिगत) रेलवे लाइन के पहले धार्मिक स्थल के पास 

5. सिटी रेलवे स्टेशन (भूमिगत) रेलवे स्टेशन के सामने 

6. मेडिकल चौराहा स्टेशन (भूमिगत) लॉरी व डेंटल कॉलेज के पास 

7. चौक (भूमिगत) काली चरण के पास 

8. ठाकुरगंज स्टेशन (एलीवेटेड) मां सरस्वती कामर्स कॉलेज के पास 

9. बालागंज स्टेशन (एलीवेटेड) बालागंज चौराहे के पास 

10. सरफराजगंज (एलीवेटेड) चरक अस्पताल के पास 

11. मूसाबाग स्टेशन (एलीवेटेड) दुबग्गा चौराहे के पास 

12. बसंतकुंज मेट्रो स्टेशन सीतापुर बाईपास व हरदोई रोड जहां मिलती है

 

Posted By: Anurag Gupta

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस