लखनऊ, राज्य ब्यूरो। Action Against PFI खाड़ी देशों से हो रही फंडिंग की और कड़ियां जोड़ने के लिए पीएफआइ के सदस्यों व उनके करीबियों के बैंक खातों की भी छानबीन की जा रही है। बता दें क‍ि आतंकी और देश व‍िरोधी गत‍िव‍िध‍ियों के चलते सरकार ने पीएफआइ पर पांच सालों के ल‍िए प्रत‍िबंध लगा द‍िया है।

हिंसा भड़काने के ल‍िए विदेशी फंड‍िग का सहारा

  • हाथरस कांड में फंडिंग के मामले में पकड़े गए पीएफआइ के महासचिव केए रऊफ से पूछताछ में सबसे पहले शफीक का नाम व भूमिका भी सामने आई थी।
  • केरल के कोझीकोड से गिरफ्तार किए जाने के बाद ईडी अब शफीक को दस दिनों की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
  • सूत्रों का कहना है कि इनसे पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर जिला स्तर पर बनी कमेटियों से जुड़े कई संदिग्धों के बैंक खातों की भी छानबीन कराई जा रही है।
  • उल्लेखनीय है कि रऊफ ने विदेश से हुई फंडिंग की रकम का एक हिस्सा हाथरस कांड के बाद हिंसा भड़काने की साजिश के तहत मथुरा में पकड़े गए सीएफआइ के सक्रिय सदस्य सिद्दीक कप्पन, अतीकुर्रहमान, मसूद अहमद व मु.आलम को दिया था। इसके बाद भी जांच एजेंसियों ने कई अन्य संदिग्धों के बैंक खातों को भी खंगाला था।

पुल‍िस की करीब‍ियों पर भी नजर

आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) व स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने स्थानीय पुलिस के साथ लखनऊ, लखनऊ ग्रामीण, कानुपर, बाराबंकी, बहराइच, मेरठ, अलीगढ़, बुंलदशहर समेत 26 जिलों में छापे मारे थे। सोमवार रात से शुरू हुई छापमारी मंगलवार शाम तक जारी थी। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना था कि 26 जिलों में हुई छापेमारी में 57 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। पुल‍िस इनके करीब‍ियों पर भी नजर बनाए हुए है।

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Edited By: Prabhapunj Mishra

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