लखनऊ के किंग्स क्लब में देर रात हंगामा की सूचना पर पहुंची पुलिस से भिड़े हुड़दंगी, निलंबित कराने की धमकी
Lucknow Crime News: पुलिसकर्मियों ने विवाद कर रहे लोगों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन नशे में धुत लोग उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुए।
HighLights
निर्धारित समय के बाद भी बज रहा था डीजे, पुलिस के समझाने पर भी नहीं माने
मारपीट में दो युवक घायल, क्लब के सीसीटीवी कैमरे बंद मिले
जागरण संवाददाता, लखनऊ : राजधानी में विभूतिखंड के किंग्स क्लब और समिट बिल्डिंग अक्सर शराबियों के हुड़दंग के कारण चर्चा में रहते हैं। गुरुवार देर रात किंग्स क्लब में हंगामे और मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस को ही हुड़दंगियों ने धमकाना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों से अभद्रता करते हुए उन्हें लाइन हाजिर और निलंबित कराने की धमकी दी। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, किंग्स क्लब में विवाद और हंगामे की सूचना मिली थी। इस पर उपनिरीक्षक हरिओम पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहां करीब 12 से 15 लोग आपस में मारपीट और हंगामा करते मिले। दो व्यक्ति घायल अवस्था में थे। पुलिसकर्मियों ने विवाद कर रहे लोगों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन नशे में धुत लोग उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुए।
आरोप है कि विवाद कर रहे लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता शुरू कर दी। उन्हें लाइन हाजिर और निलंबित कराने की धमकी देने लगे। इस दौरान रजत गुप्ता निवासी लखीमपुर खीरी को भी मारपीट कर घायल कर दिया गया। पुलिस ने काफी देर तक समझाने और लोगों को मौके से हटाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं माने। पुलिस हल्का बल का प्रयोग कर स्थिति नियंत्रित की।
मामले में एक पक्ष के रजत गुप्ता और शाश्वत पांडेय व दूसरे पक्ष के अखंड सिंह, अभय प्रताप सिंह और आकाश सिंह को गिरफ्तार किया गया। लखनऊ की समिट बिल्डिंग पहले भी कई बार लेट-नाइट पार्टियों में शराब के नशे में होने वाले झगड़ों और उपद्रवों के कारण विवादों में रह चुकी है। इस ताजा घटना के बाद पुलिस क्लब के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच कर रही है ताकि हंगामे की असल वजह का पता लगाया जा सके।
क्लब के सीसीटीवी कैमरे मिले बंद
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि दूसरे पक्ष के कुछ लोग अनंत राजपूत से जुड़े हैं। उसके विरुद्ध पूर्व में भी मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। क्लब के एंट्री रजिस्टर की जांच में अनंत राजपूत और उसके साथियों की कोई एंट्री दर्ज नहीं मिली। क्लब में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद मिले। पुलिस ने तकनीकी जांच के लिए डीवीआर कब्जे में ले लिया है। क्लब मैनेजर भी कैमरे बंद होने का स्पष्ट कारण नहीं बता सका।
