लखनऊ [धर्मेन्द्र मिश्रा]। राजधानी लखनऊ में गत एक से 13 जुलाई तक 110 जगहों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई क्लोरीन जांच के अनुसार इनमें से 17 जगहों का पानी पीने लायक नहीं है। यह सभी नमूने सप्लाई वाले पानी के लिए गए हैं। जल जनित बीमारियों से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को पानी उबालकर या शोधित जल पीने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी रोजाना 10 जगहों पर क्लोरीन जांच कर रहे हैं।

जिन जगहों पर क्लोरीन निगेटिव पाया जा रहा है, वहां तत्काल प्रभाव से क्लोरीन डोजर के माध्यम से उसे शोधित किया जा रहा है। ताकि क्लोरीन की कमी से पनपने वाले कोलीफॉर्म बैक्टीरिया को रोका जा सके।क्लोरीन माइक्रो व कोलीफॉर्म बैक्टीरिया को तुरंत नष्ट कर देता है। हालांकि क्लोरीन की निर्धारित मात्रा ही इसके लिए प्रयोग की जाती है। अधिक मात्रा से कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें (कैंसर, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक्स, गैस, बाल झड़ना, त्वचा रुखी) हो सकती हैं।

इन जगहों का पानी है दूषित: 1. रामवेली रोड 2. रिवर बैंक कालोनी 3-रेलवे क्रॉसिंग लक्ष्मणपुरी (आयुर्वेदिक चिकित्सा, गोमती नगर) 4. वाटर कैंट सदर (इंडियन गैस गोदाम के समीप) 5.कसाईबाड़ा मलिन बस्ती 6. शकुंतला स्वीट्स के सामने सदर बाजार, कैंट 7. मोहिनी पुरवा (छोटा इमामबाड़ा पुलिस चौकी) 8. नेपियर रोड (घासमंडी, ठाकुर गंज) 9.पक्का बाग, कश्मीरी बाग 10.राजभवन कालोनी, हजरतगंज 11. हनुमान मंदिर (दारुलशफा), लालबाग 12.फैजुल्लागंज, मलिन बस्ती 13. गोमती नगर क्रॉसिंग (जुगौली, ब्रह्मापुरी) 14. 6 लक्ष्मणपुरी कालोनी, फैजाबाद रोड 15. अलीगंज कैफे, सेक्टर-बी 16. शेखूपुरा, विकास नगर 17. हनुमान सेतु, हनुमान रोड

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी: -उबला पानी पिएं (20 मिनट तक पानी खौलाएं। ठंडा होने पर छानकर पिएं)।-पानी में क्लोरीन टैबलेट घोलकर 30 मिनट तक छोड़ दें, फिर उसका इस्तेमाल करें।स्वास्थ्य विभाग के डॉ. एसके सक्सेना ने बताया कि विभाग क्लोरीन निगेटिव वाले स्थानों पर स्वयं क्लोरीनाइजेशन करता है। तीन दिन बाद उस वहां दोबारा नमूना लेकर जांच करता है। जलजनित बीमारियों को रोकने व लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग हमेशा इस तरह की जांच कराता रहता है। रोजाना 10 जगहों से नमूने लिए जा रहे हैं।

एसएसपी आवास में गंदगी और लार्वा, नोटिस

नगरीय मलेरिया टीम ने शुक्रवार को एसएसपी दफ्तर व आवास का निरीक्षण किया। इस दौरान परिसर में गंदगी की भरमार और मच्छरजनित कारक पाए गए। ऐसे में टीम ने नोटिस दिया है। नगरीय मलेरिया टीम सुबह दस बजे के करीब हजरतगंज स्थित एसएसपी आवास पहुंची। इस दौरान कार्यालय व आवास के आसपास का दौरा किया। यहां रखे कूलरों में काफी दिनों का पानी भरा मिला। वहीं पेड़ों के सूखे पत्तों का ढेर, सीमेंट की बनी टंकी में पानी भरा था। मलेरिया इंस्पेक्टर प्रशांत के मुताबिक टंकी में भरे पानी में लार्वा पाया गया। वहीं मिट्टी के बर्तनों में भरा पानी भी साफ कराया गया। इस दौरान मच्छरजनित कारक पाए जाने पर नोटिस दिया गया।


बारिश से अलर्ट टीम, कई घरों को नोटिस

बारिश के बाद मलेरिया टीम ने अभियान तेज कर दिया। शुक्रवार को शंकरपुरवा वार्ड में तीन, अशर्फाबाद वार्ड में छह, बीबीडी वार्ड में तीन, तिलक नगर वार्ड के तीन घरों में नोटिस दिया गया। इन घरों में निरीक्षण के वक्त कूलर व अन्य स्थानों पर जलभराव से लार्वा मिला।
अस्पतालों में बेड आरक्षित
डेंगू के इलाज के लिए अस्पतालों में वार्डों का गठन हो चुका है। ऐसे में लोहिया, बलरामपुर, सिविल आदि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था है।

डेंगू के लक्षण-
- डेंगू एडिज एजिप्टाई मच्छर काटने से होता है।
- इसमें तेज बुखार, बदन दर्द, जोड़ों में दर्द व शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं।
- दांत, मुंह, नाक से खून भी आने लगता है
- रक्त की जांच में प्लेटलेट्स एक लाख से कम होने लगती हैं
- डेंगू पूर्व में डायबिटीज, श्वसन रोग, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों के लिए अधिक खतरनाक हो जाता है।


मलेरिया के लक्षण
- यह एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है।
- जाड़े व कंपन के साथ एक-दो दिन छोड़कर बुखार आना
- तेज बुखार, सिर दर्द व उल्टी होना
- थकावट व कमजोरी महसूस होना

बचाव के उपाय-
- घरों की छतों पर टायर व पुराने बर्तनों में जलभराव न होने दें
- कूलर आदि का पानी समय-समय पर बदलते रहें
- घर के बगल में गड्ढों व खाली प्लॉटों में जलभराव न होने दें
- पास में जलभराव होने पर जले हुए मोबिल, मिट्टी के तेल की कुछ मात्रा डाल दें
- सोते समय मच्छर दानी का प्रयोग करें
- पूरी बांह के कपड़े पहनें
- घर की खिड़की, रोशनदान पर महीन जाली लगवाएं
- बुखार आने पर निकटतम अस्पताल पहुंचे
- चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार रक्त संबंधी जाचं कराएं।