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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Dr. Roshan Jacob: लखनऊ मंडलायुक्त डा. रोशन जैकब बनीं मिसाल, घुटनों तक पानी में लिया जलभराव का जायजा

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Fri, 16 Sep 2022 11:25 AM (IST)

Dr. Roshan Jacob Set Example for Officers तड़के कमिश्नर रोशन जैकब के जलभराव वाले क्षेत्र में पहुंचते ही दूसरे अधिकारी ...और पढ़ें

Dr. Roshan Jacob Set Example for Officers:
Dr. Roshan Jacob Set Example for Officers:

लखनऊ, जेएनएन। Dr. Roshan Jacob Set Example for Officers: कोरोना संक्रमण काल में आपातकालीन अधिकारी की भूमिका में रहीं 2004 बैच की आइएएस अफसर (IAS Officer Dr. Roshan Jacob) डा. रोशन जैकब अब लखनऊ की मंडलायुक्त हैं।

लखनऊ में देर रात से भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव का जायजा (Water Logging in Lucknow) लेने तड़के करीब चार बजे ही डा.रोशन जैकब का घुटनों भर पानी में उतरना कई बड़े अधिकारियों के लिए कतवर्य पालन की बड़ी नजीर बन गया है। उन्होंने जगह-जगह पर मुआयना करने के साथ की अधिकारियों को निदान का भी निर्देश दिया।

राजधानी लखनऊ में गुरुवार रात से हो रही तेज वर्षा के बीच तड़के करीब चार बजे कमिश्नर डा. रोशन जैकब हालात का जायजा लेने निकलीं तो उन्हें भारी जलभराव का सामना करना पड़ा। इस दौरान भी उनका आत्मविश्वास जरा सा भी नहीं डिगा। उन्होंने लखनऊ में कई जगह पर घुटनों तक पानी में चल मुआयना किया।

लखनऊ में भारी वर्ष के बीच कमिश्नर डा.रोशन जैकब की पानी में उतरकर जलभराव का मौका-मुआयना करना यह बाकी अधिकारियों के लिए कर्तव्य पालन की नजीर है। उन्होंने दिखा दिया कि उनके मात्र इतने से ही प्रयास से तंत्र सक्रिय हो जाता है और जनता को शीघ्र राहत मिलती है।

डा. रोशन जैकब के जमीनी हकीकत का जायजा लेने के प्रयास के कारण अफसर भी सक्रिय हो गए। तड़के कमिश्नर रोशन जैकब के जलभराव वाले क्षेत्र में पहुंचते ही दूसरे अधिकारी भी मजबूर होकर वहां पहुंचे। उनके साथ नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह भी मौजूद रहे जो नगर निगम की टीम से जलभराव वाले इलाकों में लोगों को राहत पहुंचाने लगे हुए हैं।

लखनऊ के कई इलाकों में भारी वर्षा के कारण जलभराव का जायजा लेने निकलीं कमिश्नर डा. रोशन जैकब भी घुटनों तक पानी में चलना पड़ा। उन्होंने घुटनों तक पानी में पैदल चलकर हालात का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने तत्काल ही लखनऊ के स्कूलों के साथ प्राइवेट दफ्तरों को शुक्रवार को बंद रखने का आदेश दे दिया।

विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थाओं को भी बंद रखने की सलाह दी गई है। विश्वविद्यालयों में अवकाश का निर्णय कुलपति अपने स्तर पर लेंगे। लखनऊ में किसी हादसे की आशंका से बचने के लिए तमाम इलाकों में बिजली काटनी पड़ी। इसके साथ साथ ही लोगों को सलाह दी कि बहुत जरूरी न हो तो घरों से न निकलें।