लखनऊ, जागरण संवाददाता। रेलवे के पीपीपी माडल की जगह स्वयं के संसाधन से चारबाग स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के प्रोजेक्ट का डीपीआर अगले एक सप्ताह में तैयार हो जाएगा। डीपीआर को मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड भेजा जाएगा। चारबाग स्टेशन के पुनर्विकास प्रोजेक्ट को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। अब यह प्रोजेक्ट 556.8 करोड़ की जगह 350 करोड़ रुपये का होगा। लखनऊ जंक्शन के पार्सल घर के पास की जमीन का उपयोग भी इस याेजना में किया जाएगा। अब रेल आरक्षण केंद्र से चारबाग स्टेशन के पार्सल घर तक भूमिगत रास्ता नहीं बनेगा। जबकि भूमिगत तीन मंजिला पार्किंग को भी नए डीपीआर से हटा लिया गया है। इस प्रोजेक्ट का जिम्मा रेल भूमि विकास प्राधिकरण के पास है। 

दरअसल, पीपीपी माडल के तहत नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन और रेल भूमि विकास प्राधिकरण को इस प्रोजेक्ट को पूरा करना था। लेकिन कुछ समय बाद ही नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन इस प्रोजेक्ट से पीछे हट गया। इसके बाद रेल भूमि विकास प्राधिकरण ने अप्रैल 2021 में निजी कंपनियों से रिक्वेस्ट आफ इंट्रेस्ट की डिमांड की। अदाणी ग्रुप और जीएमआर सहित आठ बड़ी कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया। इन कपंनियों के चयन की प्रक्रिया चल ही रही थी कि रेल मंत्रालय ने पीपीपी माडल की जगह अपने ही संसाधन से पुनर्विकास योजना को पूरा करने का आदेश दिया। जोनल रेलवे स्तर से एक कमेटी बनायी गयी। जिसमें उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम के साथ रेल भूमि विकास प्राधिकरण के अधिकारी भी शामिल हैं। पिछले दिनों पूर्वोत्तर रेलवे के अपर महाप्रबंधक अनिल अग्रवाल और डीआरएम डा. मोनिका अग्निहोत्री ने भी डीपीआर के लिए भौतिक निरीक्षण किया था। 

ऐसा होगा नया स्वरूप

  • लखनऊ जंक्शन के सभी छह प्लेटफार्म पर बनेगा कवर शेड
  • स्काईवाक से जुड़ेंगे लखनऊ जंक्शन और चारबाग स्टेशन
  • चारबाग स्टेशन पर प्लेटफार्मों के ऊपर बनेगा एयर कानकोर्स
  • नीचे से गुजरेगी ट्रेन, ऊपर इंतजार करेंगे यात्री
  • 12.23 एकड़ कमर्शियल भूखंड का होगा विकास
  • शापिंग माल और कई तरह की होगी गतिविधियां
  • 12 एस्केलेटर और लिफ्ट से जाएंगे यात्री
  • 2 की जगह 4 नए प्लेटफार्म बनेंगे
  • चारबाग स्टेशन पर प्लेटफार्मों पर नहीं बनेगा दूसरा भूमिगत रास्ता
  • आनंद नगर की तरफ विकास दूसरे चरण में होगा

Edited By: Vikas Mishra