लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में चौथे चरण के लॉकडाउन के दरम्यान ही विवाद और मारपीट की बढ़ती घटनाएं पुलिस के लिए चिंता का सबब बनने लगी थीं। प्रवासी कामगारों की वापसी के साथ ही भूमि विवाद भी बढ़े। अब पांचवें लॉकडाउन में बाजार खुलने व लोगों की आवाजाही के साथ ही पुलिस की भागदौड़ भी बढ़ गई है। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने बदली परिस्थतियों को देखते हुए विवाद व पुरानी रंजिश को लेकर बढ़ी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।

डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने कहा है कि सभी जिलों के मुख्यालय में एसएसपी/एसपी के स्तर पर तथा तहसील में क्षेत्राधिकारी/उपजिलाधिकारी के स्तर पर शांति समिति की बैठक की जाएं। बैठकों में शारीरिक दूरी का अनुपालन भी हर दशा में सुनिश्चित किया जाए। यह देखा जाए कि कहां किस स्तर पर भूमि अथवा आपसी रंजिश से जुड़े विवाद हैं। थानों पर त्यौहार रजिस्टर, भूमि विवाद रजिस्टर, ग्राम अपराध रजिस्टर को देखा जाए। पूर्व में प्रकाश में आए किसी प्रकार के विवादों को भी देखा जाए। विवाद व रंजिश से जुड़े छोटे-बड़े मामलों की वर्तमान स्थिति को देखने व उनकी निरंतर निरागनी के भी निर्देश दिए।

डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने कहा है कि कोई भी विवाद सामने आने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए। थाना स्तर पर भूमि व अन्य विवादों का निस्तारण भी प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। विवादित स्थलों से जुड़े प्रकरणों को भी गंभीरता से देखा जाए। डीजीपी ने इस कड़ी में पुरानी घटनाओं की समीक्षा करने का निर्देश भी दिया है। ताकि ऐसे मामलों में कहीं कोई नया विवाद अथवा घटना न। वांछित अपराधियों की धरपकड़ भी तेज की जाए।

डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने बीट प्रणाली को और प्रभावी बनाने के साथ ही सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाए जाने के निर्देश भी दिए हैं। कहा है कि कहीं कोई अफवाह अथवा झूठी सूचना हो तो उसका तत्काल प्रभाव से खंडन किया जाए। ऐसा करने वाले शरारतीतत्वों को गिरफ्तार कर कठोर विधिक कार्रवाई की जाए। डीजीपी ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों, चौराहों, बस अड्डों, स्टेशन व अन्य प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की समीक्षा किए जाने का निर्देश भी दिया है।

Posted By: Umesh Tiwari

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