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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अयोध्या में रामलला की दर्शन के लिए मिलेगा ज्यादा समय, रामनगरी की सुरक्षा परिधि में विस्तार पर मंथन

By Umesh TiwariEdited By:
Published: Mon, 22 Nov 2021 04:46 PM (IST)Updated: Mon, 22 Nov 2021 04:51 PM (IST)

राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया तेज होने के साथ ही इसकी सुरक्षा में विस्तार की संभावनाओं पर मंथन तेज हो ...और पढ़ें

रामलला की दर्शन अवधि बढ़ाए जाने पर भी चर्चा की गई है।
रामलला की दर्शन अवधि बढ़ाए जाने पर भी चर्चा की गई है।

अयोध्या, जेएनएन। राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया तेज होने के साथ ही इसकी सुरक्षा में विस्तार की संभावनाओं पर मंथन तेज हो गया है। सोमवार को इंटेलीजेंस ब्यूरो के निदेशक अरविंद कुमार और डीजीपी मुकुल गोयल की उपस्थिति में हुई रामजन्मभूमि स्थाई सुरक्षा समिति की बैठक इसी बिंदु पर केंद्रित रही। रामजन्मभूमि की सुरक्षा को लेकर हुई इस बैठक में मंदिर निर्माण, वैकल्पिक गर्भगृह सहित भविष्य की सुरक्षा नीति पर विचार-विमर्श किया गया। पहले यह बैठक अवध विश्वविद्यालय में होनी थी, लेकिन अचानक स्थान बदल दिया गया।

रामजन्मभूमि परिसर का जायजा लेने के बाद अधिकारियों ने वहीं पर बैठक भी की। एडीजी जोन एसएन साबत ने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए रामलला की दर्शन अवधि बढ़ाए जाने पर भी चर्चा की गई है, लेकिन इस सुझाव पर अंतिम निर्णय श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेना है। ट्रस्ट से जुड़े लोगों से भी इस सुझाव को साझा किया गया है।

एडीजी जोन एसएन साबत ने बताया कि श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। भविष्य में और बढ़ोतरी होगी, ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए दर्शन अवधि बढ़ाने का सुझाव रखा गया है। आवश्यक हुआ तो अतिरिक्त दर्शन मार्ग का भी सुझाव ट्रस्ट के समक्ष रखा जा सकता है। वर्तमान में चल रहे मंदिर निर्माण की सुरक्षा एवं निगरानी के साथ वैकल्पिक गर्भगृह की भी सुरक्षा की जा रही है। भविष्य में राम जन्मभूमि परिसर के साथ रामनगरी की सुरक्षा परिधि में भी विस्तार किया जाएगा। आवश्यक हुआ तो संसाधन भी बढ़ाए जाएंगे। सभी प्रमुख मंदिरों की सुरक्षा के साथ ही भीड़ नियंत्रण, सुरक्षित दर्शन को भी प्लान में शामिल किया गया है।

पंचकोसी परिधि में भी सुरक्षा को विस्तार दिया जाएगा। पर्यटकों और दर्शनार्थियों को पुलिस सेवा प्रदान करने के लिए अलग-अलग धार्मिक स्थानों पर हिंदी और अंग्रेजी के साइन बोर्ड भी लगावने की योजना है। वीआईपी आगमन भी बढ़ेगा। इसे देखते हुए ऐसी व्यवस्था की जाएगी ताकि कानून व्यवस्था संभालने में लगे पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी प्रभावित न हो। बैठक में एडीजी सुरक्षा बीके सिंह, सीआरपीएफ के एडीजी नितिन अग्रवाल, आईजी अमित कुमार, डीआईजी एचएस कनौजिया, द्वितीय कमान अधिकारी राजारमन सरकार, आईजी पीएसी अनिल कुमार, मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल, आईजी रेंज केपी सिंह, एसएसपी शैलेश पांडेय सहित समिति में शामिल अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।