जासं, हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि हमें अपनी मां, जमीन और मातृभाषा को नहीं भूलना चाहिए। अपनी जीवनशैली को चुस्त-दुरुस्त रखना चाहिए। नए भारत का सपना केवल नए विचारों व प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से ही देखा जा सकता है। साइंस कांग्रेस जैसे मंच युवाओं को ज्ञान, सूचना साझा करने और नए विचारों के साथ आगे आने के लिए प्रेरणा देने में सक्षम होंगे। छात्रों को जवाब देने के बजाय 'खोज' करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। विज्ञान पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग होना चाहिए।

वह शनिवार को हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित नौवीं इंडियन यूथ कांग्रेस का आगाज करने के बाद वैज्ञानिकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र को बढ़ाने के क्षेत्र में हिमाचल सरकार के प्रयासों को सराहा। कहा कि हिमाचल के लोग अपने दृष्टिकोण और काम में ईमानदार हैं। इस अवसर पर हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि भारत प्राचीन काल से ज्ञान का भंडार है और भारतीय परंपरागत ज्ञान को कायम रखने को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना समय की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन अस्तित्व के लिए गंभीर चुनौती है और वैज्ञानिकों को इस समस्या से निपटने के लिए आगे आना चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि वैज्ञानिकों को देश में मानव विकास और प्रगति के लिए प्रभावी और टिकाऊ समाधान विकसित करने के लिए अनुसंधान और परंपरागत ज्ञान, प्रणालियों और तकनीकी को शामिल करने में मदद करनी चाहिए। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज व अन्य लोग भी उपस्थित थे।

By Jagran