रेलवे में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान एक से, सभी मंडलों एवं विभिन्न कारखानों में लगाए जाएंगे शिविर
Digital Life Certificate Campaign Of Railways: सुविधा का उद्देश्य पेंशनभोगियों को बैंकों में जाने और जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के ...और पढ़ें

उत्तर रेलवे के सभी मंडलों एवं विभिन्न कारखानों में पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए शिविर आयोजित किये जाएंगे।
HighLights
सरल होगी पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया
देश में कहीं से और किसी भी समय बना सकेंगे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र
जागरण संवाददाता, लखनऊ : भारतीय रेलवे अपने पेंशनर्स की सुविधा के लिए एक से 30 नवंबर तक डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान-5 आयोजित करेगा। अभियान के अंतर्गत उत्तर रेलवे के सभी मंडलों एवं विभिन्न कारखानों में पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए शिविर आयोजित किये जाएंगे।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया सरल, सुगम एवं सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से रेलवे पेंशनभोगी बिना पेंशन कार्यालय जाए, देश में कहीं से और किसी भी समय अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बना सकते हैं।
रेलवे पेंशनभोगी फेस आथेंटिकेशन तकनीक का उपयोग करके किसी भी एंड्राइड या आइओएस डिवाइस के माध्यम से डिजिटल रूप से अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं। इस सुविधा का उद्देश्य पेंशनभोगियों को बैंकों में जाने और जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता से राहत प्रदान करना है।
पिछले दो वित्तीय वर्षों के दौरान आयोजित डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र शिविरों के माध्यम से उत्तर रेलवे में उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए हैं।
