लखनऊ, जेएनएन। बेरोजगार फार्मासिस्टों का सोमवार को सब्र टूट गया। दूर-दराज से आए फार्मासिस्टों ने दोपहर को स्वास्थ्य भवन घेर लिया। अफसरों ने अनसुना किया तो गेट में ताला लगा दिया। ऐसे में चार बजे तक नियुक्ति सूची जाने करने का आश्वासन दिया। इसके बाद आनाकानी करने पर शाम छह बजे कार्यालय में डीजी हेल्थ को बंधक बना लिया।

सरकार ने अस्पतालों में रिक्त फार्मासिस्ट पदों पर जल्द भर्ती के निर्देश दिए थे। बावजूद अफसरों की कार्रवाई सुस्त रही। जून में काउंसिलिंग कर 341 फार्मासिस्टों का चयन कर सूची भी जारी कर दी। वहीं आठ अगस्त को जिलों के ऑनलाइन विकल्प चुनने के अवसर मांगे गए। यह सब प्रक्रिया होने पर भी नियुक्ति स्वास्थ्य भवन में फंसी रही।

ऐसे में बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप बडोला के नेतृत्व में सैकड़ों फार्मासिस्ट स्वास्थ्य भवन पहुंचे। 12 बजे से भवन के तीनों गेटों पर प्रदर्शन किया। वहीं अफसरों के नजरअंदाज करने पर एक बजे गेट पर ताला डाल दिया। कई डॉक्टर, अधिकारी व अफसर स्वास्थ्य भवन में कैद रहे। एसोसिएशन के पदाधिकारियों की डीजी हेल्थ डॉ. पदमाकर सिंह के साथ वार्ता हुई। ऐसे में नियुक्ति लिस्ट शाम चार बजे तक जारी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद तीन बजे गेट खोला गया। ऐसे में कई अफसर व कर्मचारी कार्यालय का काम समाप्त कर निकल गए।

कंप्यूटर खराब बताया, फार्मासिस्टों ने कब्जा जमाया

शाम चार बजे नियुक्ति सूची जारी न होने पर फार्मासिस्ट डीजी हेल्थ के कार्यालय में पहुंच गए। यहां कंप्यूटर खराब होने से नियुक्ति पत्र जारी करने में आनाकानी की। इसके बाद आक्रोशित फार्मासिस्टों ने गैलरी में डेरा डाल दिया। नारेबाजी की। डीजी हेल्थ कार्यालय में कैद रहे। उन्हें निकलने नहीं दिया। ऐसे में रात 10:40 पर 318 लोगों की जनपदवार नियुक्त संबंधी लिस्ट जारी की गई। डीजी हेल्थ डॉ. पद्माकर सिंह ने लिस्ट जारी करने की बात कही है।

Posted By: Anurag Gupta

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