बहराइच, [मुकेश पाडेय]। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग को अपूर्णीय क्षति पहुंचा रहे वन माफिया अब कार्रवाई की जद में आ रहे हैं। वन विभाग ने छह विदेशी माफिया समेत 28 वन अपराधियों को चिह्नित किया है। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है।

वन विभाग ने जिन माफिया को कार्रवाई के लिए चिह्नित किया है, उनमें छह नेपाली नागरिक हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए इंडो-नेपाल बार्डर पर होने वाली दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक में आग्रह किया जा चुका है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय सीमा की दुर्गमता का लाभ उठाकर वन्यजीवों की तस्करी एवं बेशकीमती पेड़ों की कटान पर अंकुश लगाने के लिए किया जा रहा है।

इन नेपाली वन माफिया पर अवैध कटान और संरक्षित प्रजाति के वन्यजीवों के शिकार करने का आरोप है। इनमें बर्दिया जिले के गुलहरिया थाना क्षेत्र के छेदापुरवा निवासी बुझावन व गणेश, गांव नंबर 10 के रामशरण व रुद्र लाल, गांव नंबर नौ के डीले व संतोष शामिल हैं। इन वन माफिया पर पहले मुकदमे दर्ज हैं और जेल भी जा चुके हैं। प्रभागीय वनाधिकारी आकाश दीप बधावन ने बताया कि जिलाधिकारी को सूची भेजकर प्रतिबंध लगाने के लिए नेपाली समकक्ष को पत्र लिखने का आग्रह किया जाएगा।

भारतीय वन अपराधियों में मोतीपुर थाना क्षेत्र के बकसहिया निवासी नवाजिस अली उर्फ लंबू, आरिफ, गोड़ई, आलमीन उर्फ मुस्तकीम के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की प्रक्रिया वन विभाग ने शुरू की है। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि 2021-22 में वन अपराध के छह मामले दर्ज किए गए थे, जिसमें 13 लोग जेल भेजे गए हैं।

इनके खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि वन माफिया की सूची पुलिस अधीक्षक बहराइच तथा एसएसबी के दोनों वाहिनी के उच्चाधिकारियों को दी जाएगी, ताकि वन माफिया की गतिविधियों पर निरंतर नजर रखी जा सके।

Edited By: Anurag Gupta