यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रामायण क्रूज का सफर अब 2022 में ले सकेंगे पर्यटक, अयोध्या में दीपोत्सव पर शुरू करने थी योजना
Ramayana Cruise in Ayodhya कोरोना की दूसरी लहर और बरसात ने लगा दी क्रूज निर्माण पर ब्रेक। जून माह से ...और पढ़ें

अयोध्या, [रमाशरण अवस्थी]। Ramayana Cruise in Ayodhya: रामनगरी में श्रद्धालु व पर्यटक 2022 में सरयू नदी में रामायण क्रूज पर सफर कर सकेंगे। पूर्व की योजना के तहत इसे दीपोत्सव से ही शुरू किया जाना था। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर और बरसात ने रामायण क्रूज के निर्माण पर ब्रेक लगा दिया। जून माह से कोलकाता में शिप निर्माण का कार्य बंद है, जिसके पुन: नवंबर माह में शुरू होने की उम्मीद है। रामायण क्रूज का निर्माण कोलकाता की ही बीएन बोस एंड कंपनी (मरीन) प्राइवेट लिमिटेड को करना है, जिसकी डिजाइन पर इंजीनियरिंग का काम पूरा हो चुका है। रामायण क्रूज अयोध्या के गुप्तारघाट से नयाघाट तक चलाया जाना प्रस्तावित है। इस क्रूज का संचालन वाराणसी की अलकनंदा क्रूज लाइन को करना है। क्रूज संचालन को लेकर हाइड्रो ग्राफिक सर्वेक्षण भी हो चुका है।
अलकनंदा क्रूज लाइन के डायरेक्टर विकास मालवीय ने बताया कि हमारी तैयारी में कोई कसर नहीं है, लेकिन पहले कोरोना की दूसरी लहर और फिर बरसात ने हमें अपने लक्ष्य में थोड़ा सा पीछे कर दिया है लेकिन हम निराश नहीं हैं और अपने संकल्प पर लगातार काम कर रहे हैं। वह बताते हैं कि कोलकाता में शिप बिल्डिंग का कार्य सात माह ही चलता है। उम्मीद जताई कि नवंबर माह में शिप निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
रामायण क्रूज वाराणसी में चल रहे अलकनंदा क्रूज से बड़ा और ज्यादा सुविधा संपन्न होगा। उन्होंने बताया कि 2022 में पर्यटक सरयू नदी में रामायण क्रूज का आनंद उठा सकेंगे। लग्जरी रामायण क्रूज में दो फ्लोर होंगे। प्रथम तल पर 80 और लगभग इतने ही पर्यटक दूसरे तल बैठ सकेंगे। यह सरयू नदी में चलने वाला पहला लग्जरी क्रूज होगा, जो पानी की सतह से एक मीटर नीचे और साढ़े छह मीटर ऊंचा होने के साथ ही 30 मीटर लंबा और सात मीटर चौड़ा होगा। क्रूज के दूसरे तल का निर्माण शिप बिल्डर्स अयोध्या में ही करेंगे। बीती 27 सितंबर को क्रूज पर्यटन पर काम करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास मालवीय को प्रशस्तिपत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया था।
