लखनऊ, राज्य ब्यूरो। 25 मार्च, 2022 को दोबारा प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली बैठक की, उसी दिन संकेत दे दिया था कि उनकी दूसरी पारी कैसी होगी। विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने जो लोक कल्याण संकल्प पत्र पांच वर्ष के लिए बनाया, उसमें से अधिकतर संकल्प वर्ष 2024 तक यानी दो वर्ष में ही पूरा करने का चुनौतीपूर्ण बीड़ा उठा लिया।

झटपट रोडमैप बनाया, अफसरों को काम पर लगाया, निगरानी के लिए मंत्री समूह निकले। स्वास्थ्य, शिक्षा और कनेक्टिवटी की अवस्थापना के साथ न सिर्फ औद्योगिक विकास तेजी से बढ़ा, बल्कि अपराधियों के खिलाफ चाबुक की चाल भी बढ़ गई। परिणामत: छह माह में ही जमीन पर नजर आ रहे इन तेज कदमों के निशान इशारा कर रहे हैं कि सरकार '2024' की रफ्तार से दौड़ रही है।

आपदा को अवसर में बदला

योगी सरकार ने पहले कार्यकाल के लिए जो लक्ष्य तय किए थे, उनमें कोरोना महामारी जैसी वैश्विक आपदा बाधा बनकर सामने आई, लेकिन सरकार ने इस आपदा को अवसर में बदलने का हौसला दिखाया। 'जान भी, जहान भी' के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्र को अंगीकार करते हुए सीएम योगी ने गरीबों को राशन पहुंचाया, इलाज उपलब्ध कराया तो विकास कार्यों को भी जारी रखा। इस अभूतपूर्व संक्रमणकाल में भी योगी सरकार अपनी नीति, नीयत और प्रशासनिक क्षमता का संदेश जनता तक पहुंचाने में सफल रही। यही कारण है कि प्रदेश में 37 वर्ष बाद दोबारा सत्ता पर काबिज होने का रिकार्ड भाजपा ने बनाया।

छह माह की उपलब्‍ध‍ियों का ब्‍योरा  

नए कार्यकाल की शुरुआत करते हुए योगी ने कहा था कि बीते पांच बरस में नींव तैयार की, अब अगले पांच वर्ष में भव्य इमारत खड़ी होगी। इसके साथ ही लोक कल्याण संकल्प पत्र को पांच की बजाए मात्र दो वर्ष में पूरा करने की प्रतिबद्धता जाहिर की। संकल्पों को सिद्ध करने के लिए सरकार किस तरह से आगे बढ़ रही है, यह बताने के लिए सरकार ने दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर विभागवार जानकारी जनता के बीच रखी। अब 25 सितंबर यानी रविवार को छह माह पूरे हो रहे हैं तो इस अवधि की उपलब्धियां भी लिखकर सरकार तैयार है।

योगी सरकार ने जो कहा, वो करके दिखाया

राज्य सरकार के प्रवक्ता का दावा है कि योगी सरकार ने जो कहा, वो करके दिखाया। प्रदेश में युवाओं को रोजगार की बात हो, प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को निवेश के लायक बनाने की चुनौती हो, एक ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य हो या फिर माफिया-अपराधियों पर नकेल कसने का संकल्प, हर मुद्दे पर सरकार ने जनता के प्रति समर्पण के भाव से काम किया है। इन छह माह में सीएम योगी ने न सिर्फ कई योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया, बल्कि समय-समय पर योजनाओं के विकास की समीक्षा भी की, जिससे कोई योजना सरकारी फाइलों में दब नहीं सकी और पूरी पारदर्शिता के साथ लोगों को उसका लाभ मिलना शुरू हुआ।

यूं बढ़े विकास के कदम

इन्फ्रास्ट्रक्चर : पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पिछले कार्यकाल में शुरू हो चुका था, जबकि इस कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का भी उद्घाटन हो गया। इनके दोनों ओर विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश के विकास को भी गति दे रहे हैं। आने वाले समय में यूपी में छह नए एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जाना है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे बन रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास हो चुका है। एक्सप्रेसवे की रफ्तार के साथ ही प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी भी बढ़ाई जा रही है। पांच अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों वाले यूपी में योगी सरकार सभी मंडलों को एयर कनेक्टिविटी देने की योजना पर मिशन मोड में काम कर रही है। स्वास्थ्य ढांचे की बात करें तो सभी 4600 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हेल्थ एटीएम लगाए जा रहे हैं। एक जिला, एक मेडिकल कालेज के संकल्प को पूरा करने की दिशा में काम तेज हुआ है।

कानून व्‍यवस्‍था : मुख्यमंत्री ने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में यह भी स्पष्ट कर दिया था कि भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ जीरो टालरेंस की उनकी नीति उसी गति से चलती रहेगी। इसका असर दिखा भी। मुख्तार अंसारी सहित 36 माफिया और उनके शागिर्दों को कारावास, जबकि दो को फांसी की सजा हुई है। पिछले छह माह में प्रदेश स्तर पर चिन्हित 62 माफिया की अवैध रूप से कमाई गई 2200 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को जब्त और ध्वस्त किया गया है। सबसे कम समय में सजा दिलाने में भी उत्तर प्रदेश ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।

तैयार है 10 लाख करोड़ के निवेश का खाका

सरकार ने इस कार्यकाल की शुरुआत में प्रदेश की तीसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की और अब जनवरी, 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट कराने की तैयारी है। इसके माध्यम से प्रदेश में दस लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य है। खाका तैयार कर लिया गया है। अब जल्द ही सरकार के मंत्री और शासन के वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न देशों में रोड शो के लिए निकलेंगे। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत सुधार भी किए जा रहे हैं।

छह माह में 93 हजार को रोजगार

दूसरे कार्यकाल में ही सेवायोजन के तहत रोजगार मेला के जरिए प्रदेश सरकार ने 93 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाया, जबकि करियर काउंसिलिंग के तहत 1.42 लाख से अधिक को मार्गदर्शन मिला। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को राजपत्रित अधिकारी बनाने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत विभिन्न विभागों में 24 पद चिन्हित किए गए।

Edited By: Anurag Gupta

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