लखनऊ, राज्य ब्यूरो। रबी फसल की बुवाई का समय बीत रहा है और प्रदेश में किसान अभी भी डीएपी की किल्लत से जूझ रहा है। विभिन्न जिलों में डीएपी के लिए किसानों को लंबी कतार में देखे जाना आम नजारा है। हालांकि सरकारी आंकड़े दुरुस्त है और बता रहे हैं कि उत्तर प्रदेश को पर्याप्त उर्वरक की सप्लाई हो रही है। डीएपी भी प्रदेश को मांग के अनुसार ही मिला है लेकिन मांग के अचानक जोर पकड़ने से आपूर्ति का संतुलन गड़बड़ाया हुआ है।

10.50 लाख टन निर्धारित था डीएपी का कोटा

कृषि निदेशालय के आंकड़ों की मानें तो नवंबर के लिए डीएपी का कोटा 10.50 लाख टन निर्धारित किया गया था और इस तय लक्ष्य के सापेक्ष सप्लाई की जा चुकी है। किसानों को 8.84 लाख टन डीएपी अनुदान पर उपलब्ध भी कराई जा चुकी है, वहीं 1.66 लाख टन अभी स्टाक में भी शेष बचा है। यूरिया की उपलब्धता तो हमेशा की तरह ज्यादा ही है, इसकी उपलब्धता के सापेक्ष मांग का स्तर काफी कम है। प्रदेश में उर्वरक की कमी को देखते हुए पिछले सप्ताह कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने केंद्रीय उर्वरक सचिव से भी मुलाकात की थी।

सप्लाई चेन बाधित होने से हो रही देरी

संयुक्त निदेशक (उर्वरक) अनिल कुमार पाठक कहते हैं कि मांग के सापेक्ष ही आपूर्ति हो रही है। कहा, पर्याप्त बारिश होने से रबी की बुआई समय से पहले शुरू हो गई, जिससे डीएपी की मांग अचानक बढ़ गई। डीएपी में भी इफको ब्रांड की मांग कुछ ज्यादा ही है। सोसाइटी में उमड़ रही भीड़ की एक वजह ब्रांड विशेष की मांग है। प्रदेश को समय से रैक मिले इसके लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन बाधित होने से उर्वरक पहुंचने में कुछ विलंब होता है। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

कुछ ऐसी है डिमांड और सप्लाई की स्थिति (लाख टन में)

उर्वरक नवंबर का लक्ष्य उपलब्धता वितरण शेष स्टाक

यूरिया 13.00 20.34 7.58 12.76

डीएपी 10.50 10.50 8.84 1.66

एनपीके 2.90 2.95 2.15 0.80

एमओके 0.80 0.86 0.53 0.33

एसएसपी 1.75 2.94 1.17 1.77

नोट : आंकड़े 24 नवंबर तक के हैं।

Edited By: Prabhapunj Mishra

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