लखनऊ (जेएनएन)। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फोन पर अफसरों को गाली देने और धमकाने वाले दर्जा मंत्री कुलदीप उज्जवल को बर्खास्त कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि कुलदीप अखिलेश सरकार के विकास एजेंडे में रोड़ा बन रहे थे। राज्य मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन कुलदीप उज्जवल पर बागपत के अधिकारियों के साथ साथ गाली-गलौज का आरोप है। कुलदीप पर पंचायतराज अधिकारी व अन्य अधिकारियों को गाली-गलौज करने का आडियो वायरल हो गया था। प्रमुख सचिव समाज कल्याण व मद्य निषेध सुनील कुमार ने आज उनकी बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया है।

दूसरी ओर कुलदीप उज्जवल का कहना है कि आठ माह से ग्राम पंचायतों को विकास का एक भी रुपया जारी नहीं किया गया। जबकि, सरकार ने धन जारी कर दिया है। इससे प्रधान परेशान हैं। गांव का विकास ठप पड़ा है। उन्होने इसका विरोध किया था। कुछ लोगों ने राजनीतिक साजिश के तहत इस मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है। वह जनता के हितों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्हें समाजवादी पार्टी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।

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कुलदीप और डीपीआरओ की बातचीत की रिकार्डिँग वायरल हो गई, इसके बाद ये एक्शन लिया गया। कुलदीप बागपत विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी भी हैं। उनका वहां से टिकट भी कटेगा। बता दें कि अपनी ही सरकार में अपने कहे अनुसार ग्राम सचिव पद पर दो लोगों की नियुक्ति और ट्रांसफर न होने से गुस्साए राज्य मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन और बागपत विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी डॉ कुलदीप उज्ज्वल ने पूरे जिले के प्रशासनिक सिस्टम को भ्रष्टाचार में लिप्त बता दिया। कुलदीप उज्ज्वल ने डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय को करीब चार दिन पहले रात 11 बजे फोन कर धमकाया था।

Posted By: Ashish Mishra

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