यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lalit Kala Academy Foundation Day: डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा बोले- कला और कलाकारों की उन्नति का मार्ग प्रशस्त
Lucknow Lalit Kala Academy 60th Foundation Day छतर मंजिल में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में 101 कलाकारों को पुरस्कृत व ...और पढ़ें

लखनऊ, जेएनएन। Lucknow Lalit Kala Academy 60th Foundation Day: एक मंच पर इतने कलाकारों को एकत्र करने के लिए ललित कला अकादमी प्रशंसा की पात्र है। वर्तमान सरकार में कला और कलाकारों की उन्नति का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने राज्य ललित कला अकादमी के 60वें स्थापना दिवस पर आयोजित तीन दिवसीय कला रंग महोत्सव के समापन समारोह पर 50 कलाकारों को पुरस्कृत करते हुए ये बातें कहीं। छतर मंजिल में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में 101 कलाकारों को पुरस्कृत व सम्मानित किया गया। बुधवार को संपन्न हुए चित्रकार शिविर के कलाकारों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। विशिष्ट अतिथि अवध प्रांत के संगठन मंत्री घनश्याम शाही ने कहा कि संवेदनशील कलाकारों ने कोरोना काल की अनुभूतियों को भी अपनी दृष्टि से कृतियों में उतारा है।
शिविर में 49 कलाकारों ने 49 कलाकृतियों का सृजन किया। समिति द्वारा चयनित पांच कलाकारों हमीरपुर के संजय के. राज, मेरठ के अनस सुल्तान, मिर्जापुर के हरि दर्शन, चित्रकूट की प्रियंका देवी और दिल्ली के सुमित ठाकुर को पांच हजार रुपये पुरस्कार राशि, प्रतीक चिह्न व प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

अकादमी, संस्कार भारती और राष्ट्रीय कला मंच, अवध प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता से चयनित कृतियों में से प्रत्येक क्षेत्र से पांच कलाकारों को प्रतीक चिह्न व प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

इनमें गोरखपुर क्षेत्र में शिवम शर्मा, अनंत गुरंग, सीता विश्वकर्मा गोरखपुर, अयोध्या के उत्तम कुमार पांडेय व गोरखपुर की शारदा सिंह, वाराणसी से वीरेन्द्र कुमार वर्मा, आजमगढ़ से अतुल कुमार सिंह, प्रवीण विश्वकर्मा, गाजीपुर से कृष्णा सिंह, वाराणसी से शिवम कुमार सेठ, अवध प्रांत में रवि कुमार अग्रहरि, नेहा, अंकित पांडेय, डा.रचना गुप्ता व डा.कुसुमलता गुप्ता (सभी लखनऊ), बबिता श्रीवास्तव, निशी वर्मा, रिचा सिंह, जयकरन निषाद व अमिता शुक्ला (सभी कानपुर), गाजियाबाद से राजकुमार घोष, मेरठ से पूनम लता सिंह, राजेन्द्र प्रसाद, बुलंदशहर से अंकुश कुमार को पुरस्कृत किया गया। मेरठ की डा. मधु बाजपेयी राज्य ललित कला अकादमी से करीब 20 वर्षों से जुड़ी हैं। उन्हें भी पुरस्कृत किया गया।
