लखनऊ, राज्‍य ब्‍यूरो। प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत याेगी आदित्यना थसरकार एक नई योजना जल्द शुरू करने जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इंटीग्रेटेड टेम्पल इनफार्मेशन सिस्टम यानी समन्वित मंदिर सूचना तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिस पर मंदिर से जुड़ी सभी जानकारियां आनलाइन उपलब्ध हो सकेंगी। धर्मार्थ कार्य विभाग ने इसके लिए एक हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है।

विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने जो लोक कल्याण संकल्प पत्र जारी किया था, उसमें मंदिरों से संबंधित यह घोषणा भी की गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संकल्प पत्र की उन घोषणाओं को जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए प्रयासरत हैं। इसी के तहत मंदिरों की इस योजना पर भी काम शुरू कर दिया गया है। लक्ष्य रखा गया है कि है इसे छह माह में पूरा कर लिया जाए।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि धर्मार्थ कार्य विभाग ने एक हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके जल्द स्वीकृत होने की उम्मीद है। इसके साथ ही यूपी इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेशन के साथ मिलकर काम शुरू कर दिया गया है। योजना के तहत आनलाइन सिस्टम पर प्रदेश के सभी प्रमुख मंदिरों की विशेषता, मान्यता, इतिहास, मार्ग आदि का ब्योरा अपलोड किया जाएगा। इसके बाद महंत-पुजारियों के लिए कल्याण बोर्ड के गठन की भी तैयारी की जाएगी।

धर्मार्थ कार्य विभाग की योजनाओं को लेकर योगी सरकार की रुचि का अंदाजा इस तथ्य से भी लगाया जा सकता है कि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में 32.52 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया था, जबकि 2021-22 में यह 614.88 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए एक हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया है।

Edited By: Vrinda Srivastava