लखनऊ, जेएनएन। दांतों में पायरिया को हल्के में न लें। अधिक दिनों तक लापरवाही कई बीमारियों का शिकार बना सकती है। इसमें बैक्टीरिया के बायोप्रोडक्ट रक्त के माध्यम से दिल में पहुंच जाते हैं। ऐसे में वॉल्व में जल्द खराबी आ जाती है। गर्भवती में प्री मेच्योर बेबी के जन्म का खतरा रहता है। वहीं, पायरिया के साथ मुंह में दुर्गंध डायबिटीज का भी संकेत है। लिहाजा, मुख स्वच्छता पर फोकस कर घातक बैक्टीरिया से बचा जा सकता है। 

अकल की दांत निकली है। मीठा खाते हैं तो अधिक दर्द होता है, क्या करें। शुभम, अमेठी

जवाब : एक्स-रे करा लें। इसमें देखना होगा कि नया निकला दांत आगे के दांत पर दबाव तो नहीं डाल रहा। वहीं, मीठा खाने में दर्द हो रहा है तो यह किसी दांत में कीड़ा लगने की शुरुआत है।

2012 में इंप्लांट लगाए थे। अब साइड में छाले पडऩे लगे हैं, क्या करें। अशोक, गणेशगंज

जवाब : दांतों से गाल दब रहा होगा। एक बार ओपीडी में दिखा लें। उसको दोबारा एडजस्ट कराना होगा। दांत साफ करने के लिए नरम ब्रश का इस्तेमाल करें।

ऊपर-नीचे की दाढ़ खोखली हो गई है। नमक-पानी से कुल्ला से राहत नहीं मिल रहा, क्या करें। धर्मराज, सुलतानपुर

जवाब : नमक-पानी से कुल्ला या एंटीबायोटिक लेने से स्थाई राहत नहीं मिलेगी। आपने इलाज में देर कर दी है। अब दांत निकलवाना ही उपाय है।

11 वर्ष की हूं। अभी से दांत खोखले हो रहे हैं। नंदिनी, सुलतानपुर

जवाब : इस उम्र मे कुछ दूध के तो कुछ स्थाई दांत आ जाते हैं। ऐसे में दूध के दांत से बैक्टीरिया स्थाई वाले पर ट्रांसफर का खतरा रहता है। लिहाजा, फ्लोराइड एप्लीकेशन करवा लें।

मुंह से बदबू आती है। कभी-कभार मसूड़ों से खून भी आ जाता है। अमीरुद्दीन, बलरामपुर

जवाब : सुबह-शाम ब्रश करें। मंजन के बजाय पेस्ट का प्रयोग करें। जीभ को भी साफ करें। साफ-सफाई का ध्यान रखकर पायरिया से बच सकते हैं।

दांत निकलवाने पर कितने दिन बाद लगवाना बेहतर रहता है। कुसुम, अंबेडकर नगर

जवाब : दांत निकलवाने के तीन माह बाद डेंचर बनवाना सबसे बेहतर रहता है। ऐसे में उसके ढीला पडऩे की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। वहीं, यदि हड््डी जबड़े में अच्छी होगी तो एक साथ सभी दांत लगाए जा सकते हैं।

दांत में पानी लगता है। वहीं, अब काले भी पड़ रहे हैं। राम सिंह, सीतापुर

जवाब : दांतों में कीड़ा लग रहा है। एक ओपीजी एक्स-रे करा लें। कीड़े ने कितना नुकसान पहुंचाया है, यह देखकर इलाज तय किया जाएगा।

दांत में कीड़ा लगा था। आधा नष्ट हो गया। अब क्या हो सकता है। दीपिका, गोंडा

जवाब : आगे के दांत में दिक्कत है तो एक बार आरसीटी करा लें। इसके बाद क्राउन लगाकर दांत को सही किया जा सकता है। इसके लिए जड़ ठीक होना आवश्यक है।

दो वर्ष से मसूड़े फूल जाते हैं। दांतों में गैप भी हो गया। दवा फायदा नहीं कर रही है। शशि, नरही

जवाब : दांतों में गैप बन रहा है तो जड़ें हड्डी को छोड़ रही हैं। एक बार एक्स-रे करा लें। इसके बाद प्रोसीजर तय होगा कि क्या करना है।

दांत में पीलापन बना रहता है। क्या करें। पूनम मिश्रा, इंदिरा नगर

जवाब : सुबह-शाम दांतों को साफ करें। सीधे रगडऩे के बजाय ऊपर-नीचे ब्रश चलाएं। यह जमी परत धीरे-धीरे साफ हो जाएगी।

24 वर्ष का हूं। दांतों में पानी लगता है। मुंह से दुर्गंध आती है। क्या करें। वेद प्रकाश, गोंडा

जवाब : आपकी उम्र कम है। डायबिटीज का टेस्ट करा लें। आपको पायरिया का खतरा है।

मसूड़ों में सूजन आ जाती है। दर्द होने लगता है। क्या करें। चंद्रिका प्रसाद, बाराबंकी

जवाब : बादी वाला भोजन करने से भी मसूड़ों में सूजन आ जाती है। भिंडी की सब्जी, उड़द की दाल, चावल से परहेज करें। एक बार पित्त की जांच करा लें।

मसूड़ों से खून आने की शिकायत है। क्या करें। विनीत, अंबेडकरनगर

जवाब : माउथ वॉश दो से तीन बार करें। विटामिन-सी वाले पदार्थों का सेवन करें। एक बार शुगर भी टेस्ट करा लें।

दातून करते हैं तो खून निकलता है। क्या पायरिया हो गया है। अरविंद प्रताप, अयोध्या

जवाब : यदि मवाद नहीं बना है तो पायरिया का शुरुआती लक्षण है। दंत चिकित्सक को दिखाकर सफाई करा लें। दातून के बजाय ब्रश से दांत साफ करें।

50 वर्ष का हूं। ठंडा-गर्म दांतों में लग रहा है। मुंशीलाल, मितौली

जवाब : मंजन के बजाय पेस्ट करें। नरम ब्रश का प्रयोग करें। राहत न मिले तो डॉक्टर को दिखा लें।

सुबह उठकर थूकते हैं तो उसमें खून आता है। क्या हो सकता है। डीके दीक्षित, हरदोई

जवाब : मसूड़ों में इंफेक्शन हो सकता है। डॉक्टर को दिखाकर एक बार सफाई करा लें।

क्या तंबाकू खाने से पायरिया नहीं होता है। पूजा, अयोध्या

जवाब : यह भ्रांति है। ऐसा कुछ नहीं है। तंबाकू सेवन से दांत खराब ही होते हैं। कोई फायदा नहीं होता है।

इन बातों का रखें ख्याल

बच्चों को सोते वक्त दूध के बजाय पानी की बोतल दें। युवा और ढलती उम्र में ही नहीं, बचपन के दांत भी बीमारी की चपेट में हैं। कुपोषण, हाईजीन और शुगर बच्चों के दांत खराब कर रही है। इससे न सिर्फ कीड़े (कैविटी) हो रहे हैं, बल्कि मसूड़े भी कमजोर हो रहे हैं। बच्चों को शाम को बतौर आखिरी ड्रिंक दूध नहीं देना चाहिए। कारण, इससे वह शुगर स्वीटेन बेवरेजज (एसएसबी) के शिकार हो रहे हैं। दो वर्ष की उम्र में ही उनके दांतों में कीड़े लग रहे हैं। सोते वक्त ड्रिंक देना जरूरी ही हो तो उसके मुंह में पानी की बोतल लगा दें।

बच्चों को जूस की बजाय दें फल

बच्चों को जूस पिलाने के बजाय छोटे-छोट पीस में फल दें। इससे मसूड़े व जबड़े मजबूत होंगे। साथ ही कीड़े लगने का डर भी नहीं रहेगा। वहीं, जूस की पीएच वैल्यू लो होने से कीड़े लगने की आशंका रहती है।

मुंह में दुर्गंध से डायबिटीज का खतरा

मुंह में दुर्गंध पायरिया के साथ-साथ डायबिटीज का भी संकेत है। लिहाजा, ऐसी समस्या होने पर लोगों को शुगर की जांच करानी चाहिए।

80 फीसद बीमारियों से बचाव संभव

व्यक्ति को सुबह-शाम दो बार ब्रश जरूर करना चाहिए। वहीं, ब्रश सीधे चलाने के बजाय धीरे-धीरे ऊपर-नीचे चलाएं। हाईजीन मेंटेन कर व्यक्ति दांतों की 80 फीसद बीमारियों से बच सकता है। वर्षभर में दो बार दांतों का चेकअप जरूर कराना चाहिए।

Posted By: Anurag Gupta

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