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आठवें वेतन आयोग में पुराने पेंशनरों को शामिल करने की मांग, 29 सितंबर को जिलों में आंदोलन

Published: Wed, 09 Sep 2026 06:55 PM (GMT+05:30)

8th Pay Commission: 16 जनवरी 2025 को आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा के बाद पेंशनरों को उम्मीद थी कि उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।

आठवें केंद्रीय वेतन आयोग

आठवें केंद्रीय वेतन आयोग

HighLights

  1. 12 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजा गया पत्र

  2. पेंशनरों को उम्मीद थी कि उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा

जागरण संवाददाता, लखनऊ। एक जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों को आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की परिधि में शामिल करने की मांग तेज हो रही है। इसके साथ 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश ने आंदोलन की घोषणा की है।

संगठन के अध्यक्ष अमर नाथ यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों को आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की परिधि में शामिल करने की मांग को लेकर पत्र भेजा है। इस पत्र में बताया गया है कि मांग पूरी न होने पर 29 सितंबर को प्रदेश के प्रत्येक जिले में धरना, आमसभा, प्रदर्शन व रैली आयोजित कर ज्ञापन दिया जाएगा

संगठन के मुताबिक, 16 जनवरी 2025 को आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा के बाद पेंशनरों को उम्मीद थी कि उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। तीन नवंबर 2025 को जारी अधिसूचना में एक जनवरी 2026 से पहले के पेंशनरों को दायरे से बाहर कर दिया गया।

एसोसिएशन ने इस निर्णय में संशोधन की मांग की है। वित्त विधेयक-2025 में पेंशनरों के साथ तिथि के आधार पर किए गए भेद को समाप्त करने, वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र में पेंशन पुनरीक्षण व अन्य पेंशन लाभ शामिल करने तथा पेंशन को गैर-अंशदायी व गैर-वित्त पोषित बताने वाले प्रावधान हटाने की मांग की गई है।

कर्मचारियों, पेंशनरों और शिक्षकों के लिए अलग सीपीसी बनाने की मांग भी की गई है। अन्य मांगों में लंबी सेवा अवधि का लंबित वेतन देने, पेंशन राशिकरण की कटौती 10 वर्ष में समाप्त करने, 65 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक पांच वर्ष में पांच प्रतिशत पेंशन वृद्धि, पेंशन को आयकर से मुक्त करने और कोरोना काल के 18 माह के डीए/डीआर एरियर का भुगतान शामिल है।

वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत छूट, आयुष्मान भारत में कैशलेस उपचार की सीमा 10 लाख रुपये और वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग भी उठाई गई है।