लखनऊ, जेएनएन। देश का पहला सैनिक स्कूल अब एक और इतिहास रचने जा रहा है। कैप्टन मनोज पांडेय यूपी सैनिक स्कूल के मॉडल पर देश के पांच सैनिक स्कूलों के दरवाजे बेटियों के लिए खोल दिए गए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के पांच बड़े सैनिक स्कूलों में बेटियों के कक्षा छह में एडमिशन के लिए मंजूरी दे दी है। बेटियों के लिए 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। 

दरअसल, एनडीए की तैयारी कराने के उद्देश्य से पहली बार 1960 में देश का पहला सैनिक स्कूल स्थापित किया गया था। इस सैनिक स्कूल ने पहली बार वर्ष 2017-18 में बेटियों का एडमिशन कक्षा नौ में शुरू किया था। तत्कालीन रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के बाकी सैनिक स्कूलों में बालिकाओं के एडमिशन के निर्देश दिए थे। इसके लिए यूपी सैनिक स्कूल के मॉडल का अध्ययन किया गया। इसकी रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को सौंपी गई।

इसके बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कर्नाटक के बीजापुर और कोड़ागु, महाराष्ट्र के चंद्रपुर, उत्तराखंड के घोड़ाखाल और आंध्र प्रदेश के कालीकिरी सैनिक स्कूल में कक्षा छह में प्रवेश के लिए 10 प्रतिशत सीटें आवंटित करने की मंजूरी दे दी। आदेश के तहत 26 नवंबर से छह दिसंबर तक बालिकाओं के एडमिशन के आवेदन ऑनलाइन भरे जाएंगे। बालिकाओं के रजिस्ट्रेशन के बाद उनके परीक्षा सेंटर निर्धारित करने की कार्रवाई पूरी की जाएगी। बालिकाओं के लिए हॉस्टल, मेस, खेलकूद की सुविधा और क्लास रूम की व्यवस्था की जाएगी। बालिकाओं के लिए जरूरी महिला स्टाफ की तैनाती का प्रस्ताव जल्द ही सैनिक स्कूल सोसाइटी को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

 

Posted By: Anurag Gupta

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