लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए सोमवार से दस्तक अभियान शुरू हो गया। इस अभियान में घर-घर दस्तक देकर ऐसे लोग जिनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण हैं, उन्हें चिन्हित किया जाएगा। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की टीमें लोगों के घर का दरवाजा खटखटाएंगी। घर में ऐसे लोग जिन्हें बुखार, जुकाम, खांसी व गले में खराश है उनकों चिन्हित करेंगी। अगर किसी में यह लक्षण हैं तो उन्हें मुफ्त मेडिकल किट दी जाएगी। कोरोना से बचाव के लिए करीब एक करोड़ दवा की किटें तैयार की गई हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से दस्तक अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कोरोना के लक्षण वाले लोगों को चिन्हित कर उनकी जांच कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) की मदद से इनकी जांच कराई जाए। सीएम योगी ने कहा कि ज्यादातर रोगी होम आइसोलेशन यानि घर पर अपना इलाज करा रहे हैं। ऐसे मरीजों के स्वास्थ्य का नियमित हालचाल लिया जाए।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डा. वेदब्रत सिंह ने बताया कि नवजात शिशु से लेकर बुजुर्ग लोगों तक अलग-अलग उम्र के अनुसार दवा की किट तैयार की गई हैं। यह कोरोना के लक्षण युक्त लोगों को दी जाएंगी। वहीं, इसके साथ-साथ वह घर में बुजुर्गों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लगीं या नहीं और दो साल से कम उम्र के वह बच्चे जो नियमित टीकाकरण से छूटे हैं, उनकी सूची भी तैयार करेंगी।

कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए यह अभियान प्रदेश में 29 जनवरी तक चलाया जाएगा। रेलवे और बस स्टेशन पर कोरोना के लक्षण वाले लोगों को जांच की जा रही है।

Edited By: Umesh Tiwari