लखनऊ, (जेएनएन)। रीयल एस्टेट रेग्यूलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने एपीआइ अंसल के सुशांत गोल्फ सिटी के तहत 91 प्रोजेक्ट का फोरेंसिक ऑडिट शुरू करवा दिया है। ये काम रेरा ने क्यूरी एंड ब्राउन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम की एजेंसी को सौंप दिया है। इस फोरेंसिक ऑडिट पर आने वाला पूरा खर्च एपीआइ अंसल को ही उठाना होगा। दो महीने में ये ऑडिट पूरा किया जाएगा।

रेरा के एक पदाधिकारी ने बताया पिछले महीने एपीआइ अंसल की सुशांत गोल्फ सिटी में 403 निवेशकों की शिकायत पर आदेश सुनाया था। फैसले में बताया गया था कि अंसल के पास अब वापस करने के लिए न धन बचा है और न जमीन है। सारी रिक्त जमीन बैंकों के पास गिरवी है। जितना भी फंड निवेशकों से जुटाया गया है, कंपनी ने दूसरी जगह खर्च कर दिया। इसलिए स्वतंत्र एजेंसी से रेरा एपीआइ के 91 प्रोजेक्ट का फोरेंसिक ऑडिट कराएगा। साथ ही वित्तीय पर्यवेक्षक कंपनी के पास आए बजट और उसके उपयोग की जांच करेगा। कंपनी अपनी बुकिंग अब केवल रेरा की देखरेख में कर सकेगी। जो भी धन कंपनी को मिलेगा, वह रेरा में दर्ज अकाउंट में ही जमा किया जाएगा।

रेरा फोरेंसिक ऑडिट की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण से जुड़ी रही एजेंसी क्यूरी एंड ब्राउन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से कराएगा। सारी वित्तीय गड़बडिय़ों का पूरा पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। दो महीने का समय एजेंसी को दिया गया है। अंसल में फंड डाइवर्ट किए गए हैं। निवेशकों से लिया गया रुपया कहां गया ये पता करना है। अब आगे कोई गड़बड़ न हो इसके लिए वित्तीय पर्यवेक्षक होगा।

इन बिंदुओं पर करना होगी जांच

  • न केवल एपीआइ बल्कि उसके सहभागी कंपनियों के अकाउंट की जांच करनी होगी। जो भी फंड डाइवर्जन उन्होंने किया है, उसका भी पता करना होगा।
  • ये भी देखना होगा कि घर खरीदने वालों से लिया गये रुपये में से कितने धन का सही जगह उपयोग किया गया है। बिना बिकी संपत्तियों के जरिये किस तरह से धन अर्जित कर के आवंटियों को लाभ पहुंचाया जा सकता है, इसके रास्ते भी सुझाने होंगे।
  • जिन योजनाओं में बहुत अधिक जटिलता है, उनका ऑडिट पहले किया जाएगा। इसके साथ ही थर्ड पार्टी को जहां भी संपत्तियां बेची गईं हैं, उसकी भी जांच करनी होगी।

ये है फोरेंसिक ऑडिट

फोरेंसिक ऑडिट एक फर्म या व्यक्ति की वित्तीय जानकारी का परीक्षण और अदालत में सबूत के रूप में उपयोग के लिए मूल्यांकन है। धोखाधड़ी, गबन या अन्य वित्तीय दावों के लिए इसका उपयोग होता है। ये एक नया टर्म है। पार्टी पर मुकदमा चलाने के लिए एक फोरेंसिक गणना होती है। 

Posted By: Anurag Gupta

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