लखनऊ, जेएनएन। आखिरकार रेल कर्मियाें के लिए लड़ी जा रही रेलवे कर्मियों की लड़ाई में विजय प्राप्त हुई। नार्दन रेलवे मेन्स यूनियन व उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के प्रयासों से अब उत्तर रेलवे के मंडलीय चिकित्सालय में सीटी स्कैन मशीन रहेगी। मशीन लखनऊ में ही रहे और हजारों रेल कर्मियों को इसका लाभ मिले, इसके लिए ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को फोन करके आग्रह भी किया था, इसके बाद रक्षा मंत्री ने रेलमंत्री को पत्र लिखा था। वहीं उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन ने भी आरपार की लड़ाई का ऐलान करते हुए इंडोर अस्पताल में प्रदर्शन किया था। कुल मिलाकर दोनों यूनियनों के संघर्ष से हजारों कर्मचारियों को अब जल्द ही इसका लाभ मिलेगा। इसके आदेश रेलवे बोर्ड ने जारी कर दिया है। 

 रेलवे अफसरों के मुताबिक जल्द ही मशीन लगाने की प्रकिया शुरू होगी। बता दें कि 17 जुलाई को उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल चिकित्सालय ( इंडोर अस्पताल) के-लिए यह हाईटेक मशीन आई थी। मशीन उतर भी नहीं पाई थी उसके खरीद-फरोख्त को लेकर शिकायत हो गई। इसी बीच इस मशीन को दक्षिण रेलवे भेजे जाने की भी तैयारी शुरू हो गई। इसको लेकर उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के मंडल मंत्री रवि भूषण सिन्हा के नेतृत्व में 18 दिन विरोध प्रदर्शन किया गया। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्र ने रक्षा मंत्री तक इस मशीन का मामला पहुंचाया। यह मामला रेलमंत्री के साथ-साथ रेलवे बोर्ड अध्यक्ष व उत्तर रेलवे महाप्रबंधक के संज्ञान में लाया गया।
इस संबंध में रेलवे बोर्ड के निदेशक (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) अहमद वसी खान ने जारी पत्र में कहा है कि बीते 28 जुलाई को इस मशीन को दक्षिण रेलवे के पेरंबूर हॉस्पिटल भेजने का जो आदेश हुआ था। उसे अब निरस्त किया जाएगा।

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