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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

NGT के आदेश के बाद UP सरकार की सख्ती, 30 तक लखनऊ व वाराणसी सहित 12 जिलों में नहीं चलेंगे पटाखे

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Tue, 10 Nov 2020 02:12 PM (IST)Updated: Tue, 10 Nov 2020 10:12 PM (IST)

Crackers Banned in UP यूपी सरकार ने लखनऊ व वाराणसी सहित 12 जिलों में आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगा दिया है। ...और पढ़ें

लखनऊ तथा पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आतिशबाजी पर बैन लगा दिया है।
लखनऊ तथा पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आतिशबाजी पर बैन लगा दिया है।

लखनऊ, जेएनएन। प्रदेश में स्मॉग और वायु प्रदूषण को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ व वाराणसी सहित 12 जिलों में आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगा दिया है। वायु प्रदूषण व कोरोना संक्रमण के चलते यह बड़ा निर्णय लिया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के बाद शासन ने लखनऊ व कानपुर समेत 12 जिलों में पटाखों की बिक्री व प्रयोग को प्रतिबंधित कर दिया है। शासन ने 30 नवंबर तक यह प्रतिबंध लागू रहने का आदेश दिया है।

मुख्य सचिव आरके तिवारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि लखनऊ, कानपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, वाराणसी, मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, मुरादाबाद, गौतमबुद्धनगर, बागपत व बुलंदशहर में वायु प्रदूषण के खराब स्तर को देखते हुए यहां आतिशबाजी पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इन जिलों में लोग डिजिटल, लेजर व अन्य आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर दीपावली मना सकते हैं। सूबे के अन्य जिलों में केवल ग्रीन क्रैकर्स बेचने व प्रयोग करने की अनुमति होगी।

एनजीटी की रिपोर्ट में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) का हवाला देते हुए वायु प्रदूषण के लिहाज से मुजफ्फरनगर को खराब, आगरा, वाराणसी, मेरठ व हापुड़ को बहुत खराब तथा गाजियाबाद, कानपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, गौतमबुद्धनगर, बागपत व बुलंदशहर को गंभीर श्रेणी में रखा गया है। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि जिन जिलों में एक्यूआइ माडरेट या उससे बेहतर है, वहां केवल ग्रीन क्रैकर्स बेचने की अनुमति दी जाएगी।

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि लोगों को डिजिटल व लेजर तकनीक का प्रयोग करने के अलावा ग्रीन क्रैकर्स का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश भी दिया गया है। उन्होंने सभी जिलों में आतिशबाजी की बिक्री व प्रयोग को लेकर दिए गए निर्देशों का पूरी सख्ती से अनुपालन कराने को कहा है। यह प्रतिबंध नौ नवंबर से प्रभावी माना जाएगा। 30 नवंबर के बाद आतिशबाजी की बिक्री व प्रयोग को लेकर वायु प्रदूषण की स्थिति के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

इस बार लखनऊ समेत 12 जिलों में पटाखा दुकानों के अस्थायी लाइसेंस भी जारी नहीं होंगे। इन जिलों में अवैध ढंग से पटाखों की बिक्री करने वालों पर शिकंजा कसने के निर्देश भी दिए गए हैं। शेष जिलों में ग्रीन क्रैकर्स बिक्री के लिए विस्तृत निर्देश भी जल्द जारी किए जाएंगे।