लखनऊ [नीरज मिश्र]। छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा नियमों का पाठ पढ़ाने के लिए परिवहन विभाग ने वर्षो पहले सिलेबस तैयार कराया और माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजा। परिषद ने इसे कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम से जोड़ा, पर आज तक इसकी परीक्षा नहीं शुरू हुई। ऐसे में छात्र-छात्राएं उस सिलेबस को पढ़ने में रुचि क्यों लें, जब उन्हें इसकी परीक्षा ही नहीं देनी होती।

परिवहन अधिकारियों के मुताबिक कक्षा नौ में ‘द रूल्स ऑफ द रोड’ अंग्रेजी में और हिंदी में ‘सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियम’ पाठ्यक्रम को शामिल किया गया है। सिलेबस में कैसे रोड पर चलें और क्या-क्या सावधानियां बरतें, इसे विस्तार से बताया गया है। विद्यार्थियों के लिए नैतिक खेल, शारीरिक शिक्षा, ट्रैफिक रूल्स एवं सुरक्षा के उपाय, ड्राइविंग के मुख्य तथ्य, अभिभावकों के कर्त्तव्य, यातायात संकेतकों की जानकारी एवं अर्थ, सड़क यातायात चिह्नें की जानकारी दी गई है। ट्रैफिक लाइट, लाल बत्ती, हरी बत्ती और जेब्रा लाइन पार करते वक्त बरती जाने वाली सावधानियां, अंग्रेजी में ट्रैफिक रूल्स निबंध, ट्रेड-ऑटोमोबाइल की जानकारी और सुरक्षा उपाय, प्राथमिक चिकित्सा, सामान्य घरेलू उपाय, उपचार, नैतिक खेल एवं शारीरिक शिक्षा, गृह विज्ञान आदि से जुड़ी जानकारियां भी हैं।

जल्द परीक्षा में शामिल कराया जाएगा

संभागीय परिवहन अधिकारी पुष्पसेन सत्यार्थी कहते हैं कि विद्यार्थियों को यातायात नियमों को जानकारी देने के लिए सड़क सुरक्षा नियमों को पाठ्यक्रम में शामिल कराया गया है, लेकिन इस कोर्स की परीक्षा अभी नहीं होती। यह सही है कि जब विषय की परीक्षा नहीं होगी तो विद्यार्थी इसे गंभीरता से नहीं लेंगे। इस विषय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से वार्ता की जा रही है। जल्द ही अनिवार्य रूप से इसे परीक्षा में शामिल कराया जाएगा।

 

Posted By: Divyansh Rastogi

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