लखनऊ, जेएनएन। लखनऊ, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में तब्लीगी जमात के लोगों की महिला स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अभद्रता और अश्लील हरकतों को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा है कि यह तो तय है कि यह सभी लोग  लोग न कानून को मानेंगे, न व्यवस्था को। इनके साथ सख्ती से पेश आने और इन्हें कानून का पालन करना सिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम उत्तर प्रदेश को इंदौर नहीं बनने देंगे। स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अभद्रता करने और उन पर हमला करने वाले लोगों के साथ उन्होंने कड़ाई से पेश आने का निर्देश दिया और कहा कि इनके खिलाफ कानूनन कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए । उन्होंने ऐसे सभी लोगों पर रासुका लगाने का निर्देश दिया है। 

गाजियाबाद के अस्पताल में क्वारंटाइन के लिए भर्ती तब्लीगी जमात के लोगों ने नर्स तथा महिला डॉक्टर्स से जो अश्लील हरकत की थी। उसको लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने काफी सख्त कदम उठाया है। सरकार का निर्देश है कि जमात के लोगों का इलाज कोई भी महिला डाक्टर और नर्स नहीं करेंगी। इन अभद्रता करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून(रासुका) के तहत कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी की भी अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोरोना वायरस के संक्रमण काल में अपना घर तथा परिवार छोड़कर सेवा में लगीं नर्स तथा महिला डॉक्टर्स से साथ अभद्र तथा अश्लील हरकत करने वाले लोग मानवता के दुश्मन हैं। अश्लीलता करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा। इन जाहिलों को हिरासत में लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। जिन्दगी बचाने में जुटीं महिला डाक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ जो भी अभद्रता करेगा, उस पर रासुका लगेगा।

गाजियाबाद के एक अस्पताल में तबलीगी जमात के लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। उनकी हरकतें सामान्य नहीं बताई जा रही हैं। जमाती मरीज स्टाफ नर्स के सामने अश्लील गाने सुनते हैं और गंदे-गंदे इशारे करते रहते हैं। इतना ही नहीं डॉक्टरों और नर्सों से वो लोग बीड़ी और सिगरेट की मांग भी कर रहे हैं। गाजियाबाद में जिला सरकारी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने घंटाघर कोतवाली में इस बारे में सूचना दी है। एमएमजी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने पत्र लिखकर शिकायत की कि आइसोलेशन वार्ड में रखे गए कोरोना वायरस के संभावित मरीज जो तबलीगी जमात से ताल्लुक रखते हैं वो वार्ड में बिना कपड़ों के घूमते रहते हैं। एमएमजी अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में रोके गए जमाती लोगों के ïअश्लील हरकतें करने, सहयोग ना करने आदि के संबंध में मुकदमा पंजीकृत करने हेतु थानाध्यक्ष को शिकायत दी गई थी। उसी क्रम में थाना कोतवाली गाजियाबाद में अपराध संख्या 288/20 आईपीसी की धारा 354, 294, 509, 269, 270 और 271 के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है।

पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई 

इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान उत्तर प्रदेश में किसी भी स्थान पर पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में पुलिसकर्मियों और चिकित्सा कर्मियों के साथ मारपीट- बदसलूकी की घटनाएं सामने आई हैं। लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में किसी भी स्थान पर पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है। योगी आदित्यनाथ ने यह फैसला पश्चिम यूपी के जिलों में पुलिसकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों से हुई मारपीट की घटना के बाद लिया है। शुक्रवार को अलीगढ और इससे पहले एक अप्रैल को मुजफ्फरनगर में लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर निकलने के लिए मना करने पर कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। ऐसे में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि प्रदेश में किसी भी स्थान पर पुलिसकर्मियों से मारपीट करने वाले लोगों पर एनएसए के तहत कार्रवाई की जाए।

गौरतलब है तब्लीगी जमात के लोगों के चलते उत्तर प्रदेश में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है। प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित 162 लोगों में से तब्लीगी जमात से जुड़े 34 लोग हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें किसी भी तरह से कोरोना संक्रमण पर काबू पाना है और इसे फैलने से रोकना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे हम इंसेफेलाइटिस से जीते हैं, वैसे ही हम कोरोना के खिलाफ भी जंग जीतेंगे । इसके लिए हमें पूरी तैयारी करनी है और हम इस चुनौती से निपटने के लिए आगे भी तैयारी रखेंगे हमें चिकित्सा तंत्र और उससे जुड़ी अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करना है ।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इंदौर जैसी घटना यूपी में कहीं नहीं दिखनी चाहिए, इसके लिए कानूनन जो भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी हो उसे कीजिए। मध्य प्रदेश के इंदौर में स्क्रीनिंग के लिए गए डॉक्टरों और नर्सों पर कुछ लोगों ने पथराव किया था। 4 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार करते हुए शिवराज सरकार ने  एनएसए लगाने के आदेश दिए थे। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी साफ किया कि इंदौर जैसी घटना अगर होती है तो दोषियों पर एनएसए लगेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की इस आपदा की स्थिति से बाहर निकलने के लिए लॉकडाउन को शत-प्रतिशत सफल बनाना होगा। आवश्यक है कि प्रत्येक नागरिक संयम और संकल्प बनाए रखे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लॉकडाउन के दौरान अन्तरजनपदीय, अन्तरराज्यीय तथा अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं को पूर्णत: सील किया गया है। इन सीमाओं का उल्लंघन न होने पाए। इसके लिए प्रभावी गश्ती सुनिश्चित की जाए। लॉकडाउन तोडऩे वाले वाहनों से 3.67 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। प्रदेश में 5263 बैरियर लगाकर 8.81 लाख वाहनों की चेकिंग कर 1.81 लाख वाहनों का चालान किया गया और 13927 वाहन सीज किए गए। लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ गुरुवार को 177 एफआईआर दर्ज की गईं। लॉकडाउन का फायदा उठाकर जमाखोरी और कालाबाजारी करने के मामलों में 72 एफआईआर भी दर्ज की गई हैं। इससे पहले भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी अधिकारियों को प्रदेश में लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटने के आदेश दिए थे। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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