बहराइच, जेएनएन। इसे सरकारी व्यवस्था कहें या फिर संक्रमण के शिकार संक्रमितों का उत्पीड़न। रिसिया के महिला पॉलीटेक्निक फैसिलिटी सेंटर में भर्ती संक्रमितों का सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियों तो यही बयां कर रहे हैं। खराब भोजन छोड़ कई उपवास पर बैठे हैं, तो शुद्ध पेयजल के नाम पर संक्रमित शौचालय का पानी पीने को मजबूर हैं। ऐसे में इम्युनिटी बढ़ाना तो दूर संक्रमितों की सेहत गिरने के साथ मानसिक रूप से बीमार होते जा रहे हैं। 

रिसिया : 75 वर्षीय जगदीश प्रसाद पिछले पांच दिनों से उपवास पर बैठे हैं। वजह उनके दांत से रोटी नहीं कट रही तो दाल के नाम पर सिर्फ पीला पानी। शहर के बड़े कारोबारियों में शुमार कन्हैया लाल का हाल तो बुरा है। वे कहते हैं कि किसी जन्म की सजा उन्हें मिली है। यहां इम्युनिटी बढ़ाने के नाम पर उन लोगों की जिंदगी से खुलेआम खेला जा रहा है। विश्वनाथ बताते हैं कि खाने में चींटियां भरी रहती है। दो दिनों से बाथरूम में पानी न आने से शौच की दिक्कत है। पीने के लिए पानी तो दूर की कौड़ी है। ये तीन लोगों के सोशल मीडिया पर वायरल पीड़ा ही फैसिलिटी सेंटर की व्यवस्था के लिए काफी है। 

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स्वच्छता के नाम पर कूड़े से भरा डस्टबिन 

वैश्विक महामारी से बचाने में स्वच्छता पर विशेष ध्यान के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन यहां सफाई तो दूर कई दिनों से कूड़ा ही नहीं उठाया गया है। इसकी दुर्गंध वार्ड तक जाती है। 

हटाए गए नोडल, कई का रोका वेतन 

वायरल वीडियो को संज्ञान लेकर डीएम शंभु कुमार ने फैसिलिटी सेंटर का निरीक्षण किया। बदहाल व्यवस्था पर सख्त कार्रवाई करते हुए नोडल अधिकारी डॉ.अजीत चंद्रा को हटा दिया। प्रधानाचार्य समेत अन्य जिम्मेदारों का वेतन रोक कर स्पष्टीकरण तलब किया है। विद्युत, जलनिगम के अधिकारियों को दैनिक मॉनीटरिंग करने की चेतावनी दी है। व्यवस्था बिगड़ी तो कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। सीडीओ कविता मीणा, सीएमओ डॉ.एसके सिंह मौजूद रहे।