लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। लॉकडाउन में लगी बंदिशें महीनों बाद धीरे-धीरे खुलती गईं। लगा कि कोरोना वायरस संक्रमण विदा हो रहा है, लेकिन अब इस महामारी की आहट दोबारा सुनाई देने लगी है। दिल्ली में हाहाकार मचा रहे कोरोना से सतर्क उत्तर प्रदेश सरकार ने फिर शादी-समारोहों, सभी सामूहिक आयोजनों में लोगों के शामिल होने की संख्या सीमित कर दी है।

यूपी सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि बंद कमरे या हॉल में अधिकतम 100 लोग, जबकि खुले स्थान पर निर्धारित क्षमता से 40 फीसद लोग शामिल हो सकेंगे। पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में निर्देश दिए थे। सोमवार को मुख्य सचिव आरके तिवारी ने आदेश जारी कर दिए।अब शादियों में बैंड, डीजे पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। इसके साथ ही बुजुर्गों और बीमार लोगों के शादियों में शामिल होने पर रोक लगाया गया है। 

एक अक्टूबर को प्रदेश सरकार ने अनलॉक की जो गाइडलाइन जारी की थी, उससे लगने लगा था कि अब कोरोना वायरस संक्रमण खत्म हो रहा है। महीनों से लगे प्रतिबंध में ढील देते हुए 15 अक्टूबर से शादी और अन्य सामूहिक समारोहों में सौ से बढ़ाकर अधिकतम दो सौ लोगों के शामिल होने की अनुमति सरकार ने दी थी। अभी 37 दिन ही बीते थे कि उस आजादी पर संकट का साया फिर मंडराने लगा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कोरोना वायरस को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। शादी समारोहों में अब फिर से सौ लोगों के शामिल होने की सीमा तय कर दी गई है। गाइडलाइंस के मुताबक अगर मैरिज हाउस की क्षमता 100 की है तो वहां आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सिर्फ चालीस लोग ही शामिल होंगे। इसी प्रकार यदि लॉन की क्षमता के चालीस फीसद ही लोग समारोह में शामिल हो सकेंगे। इसके साथ-साथ फेस मास्क, सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनिंग और हैंड वॉश अनिवार्य है। इस नए नियम के उल्लंघन पर मुकदमा होगा। शादी में बुजुर्ग, बीमार और बच्चों को आमंत्रित करने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर धारा 144 और 188 के तहत कार्रवाई होगी।

सौ लोगों की क्षमता वाले हाल में एक साथ सिर्फ 50 लोगों को प्रवेश: सरकार की एडवाइजरी के मुताबिक, अब शादी में सिर्फ 100 लोगों को शामिल होने की इजाजत मिलेगी। इतना ही नहीं सौ लोगों की क्षमता वाले मैरिज होम में एक बार में सिर्फ 50 लोग के शामिल होने की मंजूरी दी गई है।

नियम तोड़ने पर दर्ज होगा मुकदमा: विवाह में सिर्फ सौ लोगों के शामिल होने के मामले में सरकार ने साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने पर मुकदमा भी दर्ज हो सकता है। केस तो दर्ज होगा ही, साथ में बड़ा जुर्माना भी वसूलने की तैयारी है। 

संबंधित थाने में शादी समारोह की जानकारी देनी आवश्यक: शादी समारोह के लिए जिला प्रशासन से अनुमति नहीं लेनी होगी, लेकिन संबंधित थाने में शादी समारोह की जानकारी देनी आवश्यक है। यह निर्देश हैं कि स्थानीय प्रशासन कोरोना नियंत्रण को लेकर अतिरिक्त व्यवस्था भी करता है। शादी समारोह में लोगों की सीमित संख्या को लेकर नए नियम शुरुआत में नोएडा और गाजियाबाद में लागू किया गया। वहीं, लखनऊ जिले में भी जिलाधिकारी नई गाइडलाइन लागू करने के लिए समीक्षा बैठक करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि दिल्ली में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है, इसलिए यहां भी बहुत सतर्क रहना होगा। लोग मास्क अनिवार्य रूप से लगाएं, इसके लिए हर जिले में जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक-पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी विभिन्न संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ एक बैठक करें। उन्होंने मास्क न पहनने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। योगी ने कहा कि कोविड-19 की चेन को तोड़ने में मेडिकल टेस्टिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे ध्यान में रखकर प्रदेश में टेस्टिंग पूरी क्षमता से करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रतिदिन किए जाने वाले टेस्ट में एक तिहाई आरटीपीसीआर और शेष दो तिहाई टेस्ट रैपिड एंटीजन विधि से हों।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और सर्विलांस सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि बाहरी राज्य से आने वाले लोगों की अच्छे से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग करें। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर सभी की स्क्रीनिंग हो। एंबुलेंस सेवा सक्रिय रहे। गृह, ग्राम्य विकास, नगर विकास, राजस्व, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास विभागों के पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग लोगों को जागरूक किया जाए।

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